स्वाइन फ्लू

बरेली में स्वाइन फ्लू के पांच मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इनमें मॉडल टाउन की 60 वर्षीय महिला का शहर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं चार अन्य संक्रमित नोएडा के निजी अस्पताल में भर्ती हैं। मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने रैपिड रिस्पॉन्स टीम गठित कर दी है, जो रविवार को बुजुर्ग महिला के घर पहुंचकर संक्रमण की कड़ियां तलाशेगी।

सांस फूलने पर अस्पताल में कराया भर्ती, जांच में निकली संक्रमित

मॉडल टाउन निवासी 60 वर्षीय महिला की कुछ दिनों से तबीयत खराब थी। हालत बिगड़ने और सांस फूलने पर परिजनों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जांच में महिला की रिपोर्ट एन1एच1 पॉजिटिव आई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी गई। महिला का फिलहाल राजेंद्रनगर स्थित निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

नोएडा में रह रहे चार लोगों की भी रिपोर्ट पॉजिटिव

स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में बरेली के रहने वाले चार अन्य लोगों के स्वाइन फ्लू संक्रमित होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 52 और 55 साल के दो पुरुष, 30 वर्षीय महिला और उसका पांच साल का बेटा शामिल है। चारों पिछले कुछ वर्षों से नोएडा में रह रहे हैं और वहीं अस्पताल में भर्ती हैं। आधार कार्ड में बरेली का पता दर्ज होने के कारण इनका विवरण बरेली के स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर अपडेट हुआ है।

महिला कहां संक्रमित हुई? अब ट्रैवल हिस्ट्री और संपर्क खंगालेगी टीम

मॉडल टाउन की महिला के संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अब यह पता लगाने में जुट गया है कि वह स्वाइन फ्लू की चपेट में कहां और कैसे आई। रैपिड रिस्पॉन्स टीम महिला के घर जाकर परिजनों से जानकारी लेगी। इसके साथ ही महिला की ट्रैवल हिस्ट्री, संपर्क में आए लोगों और आसपास के हालात की जानकारी जुटाई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि महिला दिल्ली-एनसीआर की यात्रा के दौरान संक्रमित हुई हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच और संपर्कों की जानकारी जुटाने के बाद ही होगी।

नोएडा में 150 के पार पहुंच चुके हैं मामले

इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के नोडल अधिकारी डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक, नोएडा में स्वाइन फ्लू के मामले डेढ़ सौ से ज्यादा हो चुके हैं। बरेली के चार संक्रमित भी फिलहाल नोएडा में ही रह रहे हैं। पोर्टल पर उनकी पॉजिटिव रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित परिवार से संपर्क किया।

अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों को अलर्ट

स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ पैथोलॉजी सेंटरों को भी अलर्ट कर दिया है। एनयूएचएम नोडल डॉ. अजमेर सिंह ने बताया कि यूपीएचसी जाटवपुरा की टीम महिला के आवास पर जाकर जरूरी जानकारी जुटाएगी और संक्रमण की स्थिति का जायजा लेगी।

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

स्वाइन फ्लू होने पर अचानक तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान, नाक बहना या बंद होना, ठंड लगना और कंपकंपी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी या दस्त की शिकायत भी हो सकती है।

बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारी वालों को ज्यादा खतरा

स्वाइन फ्लू का खतरा पांच साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और अस्थमा, डायबिटीज, हृदय या किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को ज्यादा रहता है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार या ज्यादा कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

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