UP NEWSग्रामीणों ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन।

बरेली। सदर तहसील क्षेत्र के सिंघाई मुरावान और गुलड़िया गांव के बीच बने पुल पर करीब चार फीट पानी बहने से मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। कई गांवों का आवागमन प्रभावित होने और वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था नहीं होने से शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण पुल के पास पहुंच गए और वहीं बैठकर प्रशासन से सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था कराने की मांग करने लगे। सूचना पर भुता थाना प्रभारी और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर हालात का जायजा लिया।

पुल के ऊपर तेज बहाव, आवाजाही हुई ठप

ग्रामीणों के मुताबिक सिंघाई मुरावान और गुलड़िया को जोड़ने वाला यह मार्ग आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पुल के ऊपर करीब चार फीट पानी बहने के कारण यहां से वाहनों के साथ पैदल निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। ऐसे में लोगों को अपने रोजमर्रा के काम के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार रास्ता बंद रहने से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, किसानों और अन्य ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे संगठन के पदाधिकारी

समस्या को लेकर ग्रामीणों के एकत्र होने की जानकारी मिलने पर हिंदू जागरण मंच के युवा जिला अध्यक्ष हिमांशु पटेल, निर्दोष राठौड़, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अरुण पटेल, पूर्व प्रधान वीरपाल सिंह, छोटे लाल, डॉ. सुखपाल सिंह, मूलचंद्र, अनीस अहमद, मोहम्मद हसनैन, मोहम्मद नदीम, अतुल पटेल और गुलहसन समेत बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखते हुए तत्काल राहत की मांग की।

तहसीलदार और थाना प्रभारी पहुंचे, ग्रामीणों से की बात

ग्रामीणों के आक्रोश की सूचना मिलने पर भुता थाना प्रभारी और बरेली तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पुल और आसपास की स्थिति देखी तथा ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने मांग रखी कि जब तक पुल से पानी पूरी तरह नहीं उतर जाता, प्रशासन सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करे। इसके साथ ही पुल के दोनों ओर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं, ताकि कोई व्यक्ति या वाहन पानी के तेज बहाव की चपेट में न आए। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार पानी बढ़ने पर आवागमन प्रभावित होने की समस्या खड़ी हो जाती है। इसलिए प्रशासन केवल तात्कालिक व्यवस्था तक सीमित न रहे, बल्कि जलभराव और पुल से आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान भी कराए।

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