बरेली। कचरे, गंदगी और अतिक्रमण के दबाव के बीच अपना प्राकृतिक स्वरूप खोती जा रही नकटिया नदी को अब नई जिंदगी देने की मुहिम शुरू हो गई है। रविवार को वनमंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने धोपेश्वर नाथ मंदिर के पीछे नकटिया नदी पुनर्जीवन अभियान का शुभारंभ किया। अभियान के तहत नदी की सफाई और जलधारा सुधारने के साथ आसपास के क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के लिए पांच लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
पुनर्जीवन अभियान के तहत नकटिया नदी में जमा प्लास्टिक, कचरा और अन्य अपशिष्ट हटाया जाएगा। नदी के किनारों की नियमित सफाई के साथ उन स्थानों पर भी काम होगा, जहां गंदगी और अन्य अवरोधों के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हुआ है। उद्देश्य नदी को केवल ऊपर से साफ करना नहीं, बल्कि उसकी जलधारा और प्राकृतिक स्वरूप को चरणबद्ध तरीके से पुनर्जीवित करना है।
कचरे से बनेगी खाद, वर्मी कंपोस्टिंग यूनिट का उद्घाटन
इसी कड़ी में ट्रेंचिंग ग्राउंड में तैयार वर्मी कंपोस्टिंग यूनिट का भी उद्घाटन किया गया। इसके माध्यम से जैविक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर उसे उपयोगी खाद में बदलने की व्यवस्था की जाएगी। इससे कचरे के बेहतर प्रबंधन के साथ पौधारोपण और हरियाली बढ़ाने की मुहिम को भी मदद मिलेगी। वहीं नदी पुनर्जीवन अभियान में पौधारोपण को भी प्रमुख हिस्सा बनाया गया है। नकटिया नदी और आसपास के क्षेत्र में पांच लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बड़े पैमाने पर पौधारोपण के जरिए नदी किनारे हरित क्षेत्र विकसित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने की योजना है। पौधों की देखभाल और संरक्षण पर भी विशेष जोर रहेगा, ताकि अभियान का असर लंबे समय तक दिखाई दे।
जनभागीदारी से बदलेगी नकटिया की तस्वीर
नकटिया पुनर्जीवन अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे जनभागीदारी से जोड़ने की तैयारी है। एनजीओ, सामाजिक संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों को श्रमदान, पौधारोपण, जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त अभियान से जोड़ा जाएगा। अभियान का लक्ष्य नकटिया को सिर्फ कचरा मुक्त करना नहीं, बल्कि नदी की जलधारा, किनारों और आसपास के पर्यावरण को एक साथ संवारना है। पांच लाख पौधों का लक्ष्य पूरा होने और नदी की नियमित सफाई व्यवस्था कायम रहने पर नकटिया का पूरा क्षेत्र आने वाले वर्षों में हरियाली और स्वच्छता की नई पहचान बन सकता है।