बरेली। इंस्टाग्राम पर दरोगा के नाम से फर्जी आईडी बनाई गई। उस पर दूसरे दरोगा की फोटो लगाई और शहर की एक समाजसेविका की वीडियो पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। मामला पुलिस तक पहुंचा तो फर्जीवाड़े की परतें खुलने लगीं। जिस नाम से आईडी चलाई जा रही थी, उस नाम का कोई दरोगा बरेली में तैनात ही नहीं मिला। इसके बाद फोटो को लेकर भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।
जिस दरोगा का नाम, बरेली में उसकी तैनाती ही नहीं
कुतुबखाना चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अनूप सिंह ने बताया कि “cop_deepakjaat8070” नाम की इंस्टाग्राम आईडी से सामाजिक कार्यकर्ता की पोस्ट पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। सोशल मीडिया पर इस आईडी को बरेली में तैनात उपनिरीक्षक दीपक जाट के नाम से बताया जा रहा था। पुलिस ने जांच की तो बरेली में दीपक जाट नाम का कोई उपनिरीक्षक तैनात नहीं मिला।
फर्जी आईडी पर लगी थी ऐसे दरोगा की फोटो, जिनकी हो चुकी है मौत
जांच के दौरान आईडी पर लगी फोटो ने पुलिस को और चौंका दिया। पुलिस के मुताबिक, फर्जी आईडी पर इस्तेमाल की गई फोटो उपनिरीक्षक आकाश यादव की थी। आकाश यादव की अगस्त 2026 में रायबरेली रोड पर हुए सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। यानी फर्जी आईडी बनाने वाले ने एक दिवंगत पुलिसकर्मी की फोटो का इस्तेमाल कर खुद को दरोगा बताने की कोशिश की।
महिला की वीडियो पर टिप्पणी से पुलिस की छवि पर भी सवाल
फर्जी आईडी से समाजसेविका की पोस्ट पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के साथ ही पुलिस की छवि भी खराब होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आईडी किसने बनाई और इसे कौन चला रहा था। आईडी चलाने वाले की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
चौकी इंचार्ज ने खुद दर्ज कराई रिपोर्ट
मामले में कुतुबखाना चौकी प्रभारी अनूप सिंह ने कोतवाली थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। तहरीर के साथ इंस्टाग्राम आईडी और आपत्तिजनक टिप्पणी के स्क्रीनशॉट भी लगाए गए हैं। पुलिस आईडी संचालक की पहचान के लिए जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर आईटी एक्ट की धारा 67 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।