बरेली। सिंचाई विभाग के रुहेलखंड नहर खंड में अधिशासी अभियंता और कर्मचारियों के बीच चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। कर्मचारियों ने अधिशासी अभियंता सर्वेश सिन्हा पर अभद्र भाषा में बात करने, ‘तू-तड़ाक’ करने और खुद को मंत्री का रिश्तेदार बताकर तबादला कराने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी संगठनों ने मामले में जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए अधीक्षण अभियंता कार्यालय में ज्ञापन दिया है। अब शुक्रवार को कमिश्नर को भी शिकायत सौंपने की तैयारी है।

अपनी बात रखो तो सम्मान नहीं, मिलता है तू-तड़ाक वाला जवाब

उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार गंगवार के मुताबिक अधिशासी अभियंता के व्यवहार को लेकर कर्मचारियों में लंबे समय से नाराजगी है। आरोप है कि कार्यालय में कर्मचारी किसी समस्या या विभागीय विषय पर अपनी बात रखते हैं तो उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता। कर्मचारियों का दावा है कि अधिशासी अभियंता अक्सर ‘तू-तड़ाक’ वाली भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

‘मंत्री से रिश्तेदारी’ का रौब दिखाने का आरोप, ट्रांसफर की धमकी का दावा

कर्मचारियों ने इससे भी गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि अधिशासी अभियंता अपने प्रभाव का हवाला देकर उन्हें तबादला कराने की धमकी देते हैं। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि वह खुद को एक मंत्री का रिश्तेदार बताकर प्रभाव जताते हैं। हालांकि कर्मचारियों के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

लामबंद हुए कर्मचारी, जांच और कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर बड़ी संख्या में कर्मचारी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे। अधीक्षण अभियंता के बैठक में व्यस्त होने के कारण ज्ञापन उनके कार्यालय में सौंपा गया। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ और मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन इरिगेशन डिपार्टमेंट के पदाधिकारियों ने अधिशासी अभियंता के कथित व्यवहार की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारी संगठन अब इस विवाद को उच्चाधिकारियों तक ले जाने की तैयारी में हैं और शुक्रवार को कमिश्नर को ज्ञापन देने की बात कही है।

अधिशासी अभियंता का पलटवार—सभी आरोप निराधार

अधिशासी अभियंता सर्वेश सिन्हा ने कर्मचारियों के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि वह शासन की मंशा के अनुरूप ही विभागीय कार्य करा रहे हैं। कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और गतिविधियों की निगरानी होती है। उनका कहना है कि जो लोग शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं करना चाहते, वही इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

अब कमिश्नर तक पहुंचेगी शिकायत

अधीक्षण अभियंता कार्यालय में ज्ञापन देने के बाद भी कर्मचारी संगठन पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। पदाधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को कमिश्नर के समक्ष मामला उठाकर जांच और कार्रवाई की मांग की जाएगी। ऐसे में रुहेलखंड नहर खंड में शुरू हुआ यह कर्मचारी-अभियंता विवाद अब विभागीय दफ्तर से निकलकर मंडल स्तर तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।

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