up newsदरबार-ए-खास रेस्टोरेंट और वीडियो से लिये गये क्लिप।

बरेली। कांवड़ यात्रा के बीच पीलीभीत बाईपास रोड स्थित दरबार-ए-खास रेस्टोरेंट में चिकन परोसे जाने के वायरल वीडियो ने हड़कंप मचा दिया। वीडियो में एक ग्राहक प्लेट में परोसे गए चिकन को दिखाता नजर आ रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही एफएसडीए की टीम बारादरी पुलिस के साथ दरबार-ए-खास रेस्टोरेंट पहुंची और छापा मार दिया। करीब दो घंटे तक रेस्टोरेंट खंगाला गया, लेकिन टीम को मौके पर नॉनवेज नहीं मिला।

वायरल वीडियो 15 अगस्त की शाम करीब पांच बजे का बताया जा रहा है। दावा है कि ग्राहक ने दरबार-ए-खास रेस्टोरेंट में चिकन का ऑर्डर दिया और खाना टेबल पर पहुंचने के बाद उसका वीडियो बना लिया। वीडियो में प्लेट में परोसे गए खाने को चिकन बताया जा रहा है। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया गया। हालांकि वायरल वीडियो की तारीख, समय और उसमें दिख रहे खाद्य पदार्थ की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

बाहर सिर्फ शाकाहारी भोजन का बोर्ड

मामला इसलिए ज्यादा गरमा गया क्योंकि दरबार-ए-खास रेस्टोरेंट कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित है और इन दिनों इस रास्ते से बड़ी संख्या में कांवड़ियों की आवाजाही हो रही है। ऐसे में नॉनवेज परोसे जाने के दावे वाला वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर सवाल उठने शुरू हो गए। वीडियो विभागीय अधिकारियों तक पहुंचा तो जांच के लिए टीम रेस्टोरेंट पहुंच गई। पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल रेस्टोरेंट पर कथित तौर पर लगे हम सिर्फ शाकाहारी भोजन दे रहे हैं के बोर्ड को लेकर उठ रहा है। एक तरफ ग्राहकों को केवल शाकाहारी खाना देने की बात, दूसरी तरफ वायरल वीडियो में चिकन परोसे जाने का दावा, दोनों के बीच विरोधाभास ने मामले को और तूल दे दिया। अब वीडियो की असलियत और रेस्टोरेंट के सीसीटीवी से ही साफ हो सकेगा कि 15 अगस्त की शाम वहां वास्तव में क्या परोसा गया था।

बारादरी पुलिस लेकर पहुंची FSDA टीम

वीडियो सामने आने के बाद एफएसडीए की टीम ने बारादरी पुलिस के साथ दरबार-ए-खास रेस्टोरेंट पर छापा मारा। टीम ने रेस्टोरेंट की रसोई से लेकर खाद्य सामग्री तक खंगाली। करीब दो घंटे तक टीम वहां मौजूद रही और नॉनवेज से जुड़े साक्ष्य तलाशे गए। छापेमारी से रेस्टोरेंट में भी खलबली मची रही। सहायक आयुक्त राहुल सिंह के मुताबिक टीम ने करीब दो घंटे तक रेस्टोरेंट की जांच की, लेकिन उस समय वहां नॉनवेज होने का कोई सबूत नहीं मिला। इसके बाद टीम वापस लौट गई। यानी एक तरफ वायरल वीडियो में चिकन परोसे जाने का दावा किया जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ छापेमारी के दौरान एफएसडीए को मौके से ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला।

वीडियो बनाम छापेमारी, अब CCTV खोल सकता है पूरा राज

पूरे विवाद की गुत्थी अब वायरल वीडियो की सत्यता और रेस्टोरेंट के सीसीटीवी फुटेज पर टिक गई है। यदि वीडियो वास्तव में 15 अगस्त की शाम इसी रेस्टोरेंट में रिकॉर्ड किया गया है तो यह जांच का अहम हिस्सा हो सकता है। वहीं यह भी साफ होना बाकी है कि वीडियो में दिखाई दे रहा खाना वास्तव में नॉनवेज था या नहीं। फिलहाल वायरल वीडियो में चिकन परोसने का दावा और छापेमारी में नॉनवेज न मिलने की बात आमने-सामने है।

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