लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती के 4543 पदों का फाइनल रिजल्ट जारी किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों में जॉइनिंग और वेतन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। मेरिट सूची में स्थान पाने वाले उम्मीदवार अब यूपी पुलिस में दारोगा बनने की ओर अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं। हालांकि, नियुक्ति से पहले उन्हें कुछ जरूरी औपचारिक प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।
रिजल्ट के बाद क्या होगी प्रक्रिया?
फाइनल चयन सूची जारी होने के बाद सबसे पहले अभ्यर्थियों का चरित्र सत्यापन (Character Verification) कराया जाएगा। स्थानीय पुलिस यह जांच करेगी कि उम्मीदवार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है और आवेदन में दी गई सभी जानकारियां सही हैं या नहीं। यदि किसी प्रकार की गलत जानकारी या तथ्य छिपाने की पुष्टि होती है, तो नियुक्ति प्रभावित हो सकती है।
इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण होगा। इसमें आंख, कान, नाक, शारीरिक फिटनेस और अन्य स्वास्थ्य मानकों की जांच की जाएगी। मेडिकल और चरित्र सत्यापन में सफल उम्मीदवारों को भर्ती बोर्ड की ओर से नियुक्ति पत्र (Joining Letter) जारी किया जाएगा।
जॉइनिंग के बाद मिलेगी ट्रेनिंग
नियुक्ति पत्र में निर्धारित तिथि और स्थान पर रिपोर्ट करने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को पुलिस प्रशिक्षण केंद्र भेजा जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान कानून, पुलिस प्रक्रिया, हथियार संचालन, शारीरिक प्रशिक्षण, ड्रिल, साइबर अपराध, जांच तकनीक और आमजन से व्यवहार जैसे विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद पुलिस विभाग की आवश्यकता और रिक्त पदों के अनुसार थानों या अन्य इकाइयों में तैनाती दी जाएगी।
इतनी मिलेगी शुरुआती सैलरी
यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर का पद वेतन और सुविधाओं के लिहाज से आकर्षक माना जाता है। भर्ती विज्ञापन के अनुसार यह पद पे मैट्रिक्स लेवल-6 में आता है। दारोगा की बेसिक सैलरी 35,400 रुपये प्रतिमाह से शुरू होती है। इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), चिकित्सा सुविधा और अन्य पुलिस भत्ते भी दिए जाते हैं। इन सभी भत्तों को जोड़ने के बाद इन-हैंड सैलरी लगभग 45,000 से 55,000 रुपये प्रतिमाह या पोस्टिंग स्थान और भत्तों के अनुसार इससे अधिक भी हो सकती है।
युवाओं की पहली पसंद है दारोगा की नौकरी
यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर का पद लंबे समय से युवाओं की पहली पसंद रहा है। सम्मान, जिम्मेदारी, बेहतर वेतन और समाज में प्रभावी भूमिका के कारण यह पद बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है। थाने में अपराधों की जांच, विवेचना और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सब-इंस्पेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए इसे पुलिस व्यवस्था की रीढ़ भी कहा जाता है।