बरेली। फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में रहने वाले एक बुजुर्ग ने अपने बेटे की मौत को हत्या बताते हुए डीआईजी अजय कुमार साहनी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
थाना क्षेत्र के ग्राम धनतिया निवासी पीड़ित ओमकार ने दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनका बेटा देवेन्द्र कुमार पिछले करीब एक वर्ष से गांव निवासी रितिक की ओला टैक्सी चलाता था। आरोप है कि रितिक पर देवेन्द्र की करीब नौ माह की लगभग 90 हजार रुपये मजदूरी बकाया थी। जब भी देवेन्द्र अपने रुपये मांगता, रितिक और उसका भाई राहुल उससे रंजिश रखने लगे।
फोन कर बुलाया, फिर पीट-पीटकर हत्या का आरोप
पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि 2 मार्च 2026 की सुबह राहुल ने फोन कर देवेन्द्र को बुलाया और उसे बरेली शहर के घंटाघर स्थित एक वीआई टावर के पास ले गया। वहां पहले से मौजूद रितिक, जयपाल, अनुपम, प्रानसुख समेत अन्य लोगों ने गाली-गलौज करने के बाद लोहे की रॉड और डंडों से बेरहमी से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार कराने का भी आरोप
पीड़ित पिता का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी परिजनों के पास पहुंचे और बताया कि देवेन्द्र की तबीयत खराब है। जब परिवार मौके पर पहुंचा तो देवेन्द्र वाहन में मृत अवस्था में मिला। उसके सिर, चेहरे और हाथ से खून बह रहा था। आरोप है कि आरोपियों ने पुलिस को सूचना दिए बिना, पंचनामा और पोस्टमार्टम कराए बिना ही जल्दबाजी में उसी दिन दोपहर तक शव का अंतिम संस्कार करा दिया।
डीआईजी से निष्पक्ष जांच और एफआईआर की मांग
ओमकार ने डीआईजी रेंज अजय कुमार साहनी को दिए प्रार्थना पत्र में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने, नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।