बरेली। एयरफोर्स स्टेशन बरेली के आसपास आसमान से लेकर जमीन तक सुरक्षा का घेरा और कड़ा होने जा रहा है। विमानों की उड़ान के रास्ते में आने वाले पक्षियों के झुंड, शादी-पार्टियों में उड़ाए जाने वाले ड्रोन और नियमों को ताक पर रखकर खड़ी की गई ऊंची इमारतें एयरफोर्स के लिए चिंता का सबब बनी हैं। मंगलवार को कमिश्नर शम्भू कुमार की अध्यक्षता में हुई हवाई क्षेत्र पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में इन खतरों पर मंथन हुआ। एयरफोर्स स्टेशन के 10 किलोमीटर के दायरे में मीट की दुकानों से लेकर कूड़ा डंपिंग, अवैध निर्माण और जलभराव तक पर सख्ती के निर्देश दिए गए।
एयरफोर्स के अधिकारियों ने बैठक में चावड़, भूड़ा, नैनीताल हाईवे और दिल्ली हाईवे के आसपास बड़ी संख्या में पक्षियों की मौजूदगी का मुद्दा उठाया। एयरफोर्स के मुताबिक विमानों की उड़ान के दौरान बर्ड एक्टिविटी बड़ा जोखिम पैदा कर सकती है। इसके बाद इन इलाकों में कूड़ा और दूसरे ऐसे कारणों को नियंत्रित करने पर जोर दिया गया, जिनसे पक्षी आकर्षित होते हैं। एयरफोर्स स्टेशन के आसपास सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए सफाई कर्मचारियों को नियमित रूप से लगाने को कहा गया है।
शादी का ड्रोन एयरफोर्स के लिए खतरा, नवंबर-दिसंबर में बढ़ती है चुनौती
बैठक में एक और चौंकाने वाला मुद्दा शादी-पार्टियों में वीडियोग्राफी के लिए उड़ाए जाने वाले ड्रोन का सामने आया। एयरफोर्स अधिकारियों के मुताबिक नवंबर-दिसंबर में शादियों का सीजन आते ही आसपास ड्रोन उड़ाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। एयरफोर्स जैसे संवेदनशील इलाके के पास बिना नियंत्रण ड्रोन उड़ना सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसे रोकने के लिए निगरानी के साथ पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने पर जोर दिया गया। एयरफोर्स क्षेत्र के आसपास मानकों से अधिक ऊंचे मकान और इमारतें खड़ी करने का मामला भी बैठक में उठा। मंडलायुक्त ने एयरफोर्स के आसपास बनी हाईराइज इमारतों की सूची तैयार करने को कहा है। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीडीए की अनुमति के बिना एयरफोर्स क्षेत्र के आसपास निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
10 KM के दायरे में मीट दुकानों पर नजर, खुले में नहीं दिखेंगे अवशेष
एयरफोर्स स्टेशन के दस किलोमीटर के दायरे में चलने वाली मीट आदि की दुकानों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। मीट और उसके अवशेष खुले में रखने से पक्षी आकर्षित हो सकते हैं और इससे बर्ड हिट का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में दुकानों पर मांस और अवशेष खुले में नहीं रखने तथा उनका नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। अनधिकृत वेंडरों की दुकानें भी हटाई जाएंगी। वहीं ग्राम चावड़ में जलभराव और पानी की निकासी की समस्या को जल्द दूर करने को कहा गया है। यहां आरआरसी सेंटर के लिए उचित स्थान तलाशकर रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए। वहीं करमपुर चौधरी में भी पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। एयरफील्ड के आसपास जलभराव वाले दूसरे स्थानों को भी चिह्नित कर ड्रेनेज सुधारने पर काम होगा।
कूड़े का पहाड़ हुआ छोटा, 21.5 लाख टन में 17.5 लाख टन निस्तारित
बैठक में शहर के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थिति भी सामने रखी गई। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि प्लांट में करीब 21.5 लाख टन कूड़ा जमा था। इसमें से करीब 17.5 लाख टन का निस्तारण किया जा चुका है। बचे हुए कूड़े को भी हटाने का काम चल रहा है। सथरापुर में नया मैनेजमेंट प्लांट तैयार हो रहा है, जिसके शुरू होने के बाद कूड़ा निस्तारण की स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं एयरफोर्स क्षेत्र के आसपास बंदरों और आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या भी बैठक के एजेंडे में रही। नगर निगम को इन्हें पकड़ने के लिए बाकायदा एक्शन प्लान तैयार करने को कहा गया है। एयरफोर्स क्षेत्र के आसपास सफाई और पशुओं की आवाजाही दोनों को नियंत्रित करने पर फोकस रहेगा।
एयरफोर्स-प्रशासन मैदान में करेगा रिहर्सल
सिर्फ खतरों की पहचान ही नहीं, किसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी भी परखी जाएगी। एयरफोर्स और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल करेंगे। विमान दुर्घटना या दूसरी आपात स्थिति में कौन सा विभाग कितनी तेजी से मौके पर पहुंचेगा और राहत-बचाव का तालमेल कैसे होगा, इसका मैदान में रिहर्सल किया जाएगा। बैठक में एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी, बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पाण्डेय, एसपी सिटी मानुष पारीक समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। एयरफोर्स की ओर से एयर कमांडर एयरफोर्स स्टेशन बरेली सीयूवी राव, स्टेशन एयरोस्पेस सेफ्टी अधिकारी विंग कमांडर मानिक भल्ला, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ग्रुप कैप्टन कर्मकार सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।