बरेली। जिले में बेहतर पुलिसिंग और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर शुरू की गई मासिक मूल्यांकन प्रणाली के तहत मई माह की रैंकिंग जारी कर दी गई है। इस बार बहेड़ी थाना, बहेड़ी सर्किल और उत्तरी पुलिस क्षेत्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। एसएसपी अनुराग आर्य ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली पुलिस टीमों को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
मई माह के दौरान जिले के 29 थानों, नौ सर्किलों और तीनों पुलिस क्षेत्रों के कामकाज का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इसमें जनसुनवाई, आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण, अपराध नियंत्रण, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, अपहृत लोगों की बरामदगी, विवेचनाओं का निपटारा, साइबर अपराधों पर कार्रवाई, सीसीटीएनएस और सीईआईआर कार्यों के साथ-साथ एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई को भी शामिल किया गया।
उत्तरी क्षेत्र ने हासिल किया पहला स्थान
क्षेत्रवार रैंकिंग में उत्तरी क्षेत्र ने 1799 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के निस्तारण में बेहतर प्रदर्शन के चलते उत्तरी क्षेत्र शीर्ष पर पहुंचा है। वहीं सर्किल स्तर की रैंकिंग में बहेड़ी ने 3260 अंक प्राप्त कर सभी सर्किलों को पीछे छोड़ दिया। पूरे महीने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, जनशिकायतों के निस्तारण और पुलिसिंग की गुणवत्ता के आधार पर सर्किल बहेड़ी को यह उपलब्धि मिली।
थाना बहेड़ी बना जिले का सर्वश्रेष्ठ थाना
थानों की रैंकिंग में थाना बहेड़ी ने 4853 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं थाना शीशगढ़ 4796 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। तीसरे स्थान पर थाना बारादरी, चौथे पर देवरनियां और पांचवें स्थान पर थाना शाही रहा। इन थानों के प्रभारियों और उनकी टीमों के कार्यों की विशेष सराहना की गई। रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को एसएसपी अनुराग आर्य ने सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार आता है और आम जनता को बेहतर सेवाएं मिलती हैं। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से जनसेवा और अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य करने का आह्वान किया।
SSP बोले— बेहतर कार्य करने वालों को मिलेगा सम्मान
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि मासिक मूल्यांकन प्रणाली का उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक जवाबदेह एवं परिणामोन्मुख बनाना है। उन्होंने कहा कि जो टीमें बेहतर प्रदर्शन करेंगी, उन्हें सम्मानित किया जाएगा, जबकि कमजोर प्रदर्शन वाली इकाइयों को सुधार के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि इस व्यवस्था से जनता और पुलिस के बीच विश्वास और मजबूत होगा।