बरेली। सेटेलाइट के खुले नाले में गिरकर युवक तौहीद की मौत के करीब छह महीने बाद नगर निगम ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई का शिकंजा कसा है। गंभीर लापरवाही के इस मामले में नगर स्वास्थ्य अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है, जबकि दो इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित ठेकेदार पर दो लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। कार्रवाई की अंतिम रिपोर्ट नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने शासन को भेज दी है।
खुला नाला बना था मौत का जाल, 30 घंटे चला था सर्च ऑपरेशन
हरदोई निवासी तौहीद की सेटेलाइट क्षेत्र में खुले नाले में गिरने से मौत हो गई थी। हादसे के बाद उसे तलाशने के लिए करीब 30 घंटे तक बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया गया। लंबी मशक्कत के बाद नाले से उसका शव बरामद हुआ था। इस घटना ने शहर में खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था के साथ नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। मामला शासन तक पहुंचा और बाद में मानवाधिकार आयोग ने भी इसका संज्ञान लिया।
जांच में खुली जिम्मेदारों की लापरवाही की परतें
प्रकरण की जांच में नगर स्वास्थ्य अधिकारी भानुप्रताप, अभियंता अनुराग कमल व वीर पटेल, सफाई निरीक्षक विवेक कुमार और संबंधित ठेकेदार की भूमिका को लेकर लापरवाही सामने आई। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। नगर स्वास्थ्य अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है, जबकि दोनों इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय जांच बैठाई गई है। ठेकेदार पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मानवाधिकार आयोग ने मांगा हिसाब तो तेज हुई कार्रवाई
हादसे के बाद कार्रवाई की रफ्तार को लेकर भी सवाल उठे। मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम से प्रकरण में अब तक उठाए गए कदमों की रिपोर्ट तलब की गई। इसके बाद मामले से जुड़ी फाइलों और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई को अंतिम रूप दिया गया। अब नगर निगम ने पूरे प्रकरण में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
नगर आयुक्त बोले—दोषियों पर होगी कार्रवाई
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। प्रकरण में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित और सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।