बरेली। नाथ नगरी बरेली दूसरे सोमवार को पूरी तरह शिव भक्ति में डूबी नजर आई। भोर होते ही शहर के प्रमुख नाथ मंदिरों में जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों की लंबी कतारें लग गईं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से मंदिर परिसर और आसपास का इलाका गूंजता रहा। वहीं कांवड़ियों के जत्थे गंगाजल लेकर लगातार शहर पहुंचते रहे। शिवभक्तों की भारी भीड़ के चलते कांवड़ मार्गों पर कई बार जाम के हालात बने।
कछला से बरेली तक दिखा आस्था का सैलाब
बरेली में कांवड़ियों के अधिकांश जत्थे बदायूं के कछला गंगा घाट से गंगाजल लेकर पहुंचे। इसके अलावा हरिद्वार से भी कांवड़िए शहर में आए। बदायूं मार्ग से लेकर बरेली शहर तक सड़क पर जगह-जगह कांवड़ियों के जत्थे दिखाई दिए। भगवा रंग में रंगे कांवड़िए भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। रास्तों में शिवभक्तों की भीड़ बढ़ने से यातायात भी प्रभावित हुआ।
सात नाथ मंदिरों में उमड़ी भीड़
बनखंडीनाथ, पशुपतिनाथ, बाबा अलखनाथ, त्रिवटीनाथ, धोपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ और तपेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए हजारों शिवभक्त पहुंचे। मंदिरों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। भक्त शांतिपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मंदिरों के आसपास सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस, ट्रैफिक पर नजर
कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। प्रमुख कांवड़ मार्गों और मंदिरों के आसपास पुलिस फोर्स तैनात की गई है। अधिकारी भी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर की कई सड़कों पर कट बंद किए गए हैं, ताकि कांवड़ियों के जत्थों की आवाजाही के दौरान यातायात को नियंत्रित रखा जा सके।
कांवड़ियों पर बरसे फूल, जगह-जगह स्वागत
गंगाजल लेकर बरेली पहुंचे कांवड़ियों का जगह-जगह स्वागत किया गया। सामाजिक संगठनों और संस्थाओं की ओर से कांवड़ियों के लिए खाने-पीने और आराम की व्यवस्था की गई। कई स्थानों पर कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। भक्ति, आस्था और सेवा के इस माहौल में शहर की सड़कों पर सुबह से ही शिव भक्ति का रंग नजर आया।