बरेली। शहर के बीचों-बीच कचहरी के पास 172 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नया जिला कारागार अब संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हो गया है। जेल प्रशासन ने उद्घाटन की प्रक्रिया तेज कर दी है और कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान से समय मांगा गया है। इस बीच बंदियों की शिफ्टिंग भी शुरू कर दी गई है। पहले दिन केंद्रीय कारागार-2 से 66 कैदियों को नए जिला कारागार में स्थानांतरित किया गया।
ब्रिटिशकालीन पुरानी जेल की 85 एकड़ भूमि पर बने इस अत्याधुनिक कारागार की कुल क्षमता 2579 बंदियों की है। पहले चरण में सात साल से कम सजा पाए 150 बंदियों को यहां शिफ्ट किया जाना है। महिला बंदियों के लिए अलग सेल भी तैयार कर ली गई है और उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।
कोर्ट के पास जेल, अब नहीं दौड़ेंगे 15 किलोमीटर
भुता स्थित केंद्रीय कारागार-2 में क्षमता से करीब 700 अधिक बंदी निरुद्ध हैं, जिससे व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ गया है। नए जिला कारागार के शुरू होने से अदालत में पेशी, इलाज और अन्य कार्यों के लिए बंदियों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। कचहरी के निकट होने से पुलिस बल, समय और पेट्रोल-डीजल की भी बड़ी बचत होगी।
हाई सिक्योरिटी बैरक, सीसीटीवी और कंट्रोल रूम से लैस
शासन की ओर से पिछले महीने करीब 15 करोड़ रुपये जारी कर कारागार की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। पूरे परिसर में आधुनिक सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, हाई सिक्योरिटी बैरक, कंट्रोल रूम, फर्नीचर और सुरक्षा संसाधन स्थापित किए गए हैं। अधीक्षक, डिप्टी जेलर और फार्मासिस्ट की तैनाती हो चुकी है, जबकि चिकित्सक की मांग शासन को भेजी गई है।
उद्घाटन के लिए मंत्री से मांगा समय
जिला कारागार अधीक्षक डॉ. आलोक कुमार शुक्ला ने बताया कि नई जेल की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। उद्घाटन के लिए कारागार मंत्री से समय मांगा गया है और जिलाधिकारी को भी सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 150 बंदियों को शिफ्ट किया जाना है, जबकि पहले दिन 66 कैदियों को नए कारागार में पहुंचाया जा चुका है।
जेल अधीक्षक का बयान
जेल अधीक्षक डॉ आलोक कुमार शुक्ला ने बताया कि नई जेल में सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। उद्घाटन के लिए कारागार मंत्री से समय मांगा गया है। पहले चरण में 150 बंदियों को शिफ्ट किया जाएगा, जिनमें से 66 बंदी पहले दिन पहुंच चुके हैं। नई जेल शुरू होने से समय, संसाधन और सुरक्षा प्रबंधन में काफी सुधार होगा।