बरेली। मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए बरेली रेंज पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और कानून व्यवस्था का खाका तैयार किया है। डीआईजी के निर्देशन में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जबकि ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी।
डीआईजी अजय कुमार साहनी के अनुसार बरेली रेंज में कुल 1384 मुहर्रम जुलूस निकाले जाएंगे। इसके अलावा 2128 ताजिए स्थापित किए जाएंगे, जबकि 2003 ताजियों को दफनाया जाएगा। पूरे परिक्षेत्र में 357 कर्बलाओं को चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में लिया गया है। इन सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए पूरे क्षेत्र को 55 जोन और 202 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
बरेली में सबसे अधिक जुलूस, 44 जोन और 158 सेक्टर बनाए
जनपदवार आंकड़ों पर नजर डालें तो बरेली में 894 जुलूस, 1020 स्थापित ताजिए, 988 दफनाए जाने वाले ताजिए और 131 कर्बलाएं चिन्हित की गई हैं। बदायूं में 144 जुलूस, पीलीभीत में 205 और शाहजहांपुर में 141 जुलूस प्रस्तावित हैं। सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलग-अलग जोन और सेक्टर बनाए गए हैं। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए परिक्षेत्र में अब तक 179 शांति समिति बैठकों का आयोजन किया जा चुका है। वर्तमान में कुल छह कंपनी सुरक्षा बल, दो प्लाटून पीएसी, एक प्लाटून बाढ़ राहत बल और दो टीमें एसडीआरएफ की तैनाती की गई है। इसके अलावा 238 क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) गठित की गई हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करेंगी।
238 क्यूआरटी टीमों समेत हजारों पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
मुहर्रम ड्यूटी में 10 अपर पुलिस अधीक्षक, 36 पुलिस उपाधीक्षक, 262 निरीक्षक, 1743 उपनिरीक्षक, 2986 मुख्य आरक्षी और 10014 नागरिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए अलग से निरीक्षक, उपनिरीक्षक और आरक्षियों की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन ने ताजियेदारों और आयोजन समितियों से समन्वय स्थापित कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ताजियों की ऊंचाई 12 फीट से अधिक न रखी जाए। सभी जुलूस केवल पूर्व निर्धारित और स्वीकृत मार्गों से ही निकाले जाएंगे तथा किसी भी नई परंपरा या मार्ग परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। ताजियों का दफन भी केवल निर्धारित स्थानों पर ही किया जाएगा।
भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील
डीआईजी ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक पोस्ट, फोटो या वीडियो साझा न करें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जुलूसों में हथियारों का प्रदर्शन, खतरनाक करतब और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा है कि मुहर्रम केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक भी है। ऐसे में सभी नागरिक प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जा सके।