बरेली। आरटीओ कार्यालय में डेटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी लगवाने के नाम पर लखनऊ के दो अधिकारियों और कार्यालय के एक बाबू पर युवक से पांच लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा है। युवक को नौकरी तो मिल गई, लेकिन तय वेतन नहीं मिला। पांच लाख रुपये की सिक्योरिटी की रसीद मांगने पर कथित खेल सामने आ गया। पीड़ित की तहरीर पर बारादरी पुलिस ने दोनों अधिकारियों और बाबू समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रेमनगर के शाहबाद निवासी अमन अग्रवाल पुत्र अवधेश अग्रवाल ने बताया कि आरटीओ कार्यालय में कार्यरत बाबू निखिल शर्मा ने उसे डेटा एंट्री ऑपरेटर की भर्ती की जानकारी दी थी। इसके बाद उसकी मुलाकात लखनऊ की अधिकारी बताई गईं सुनीता वर्मा और श्याम मोहन अग्निहोत्री से कराई गई। आरोप है कि दोनों ने नौकरी पक्की कराने के लिए पांच लाख रुपये सिक्योरिटी के नाम पर मांगे। साथ ही 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलने की बात कही गई। पीड़ित के मुताबिक, 10 नवंबर 2025 को वह अपने पिता के साथ पांच लाख रुपये लेकर लखनऊ पहुंचा। वहां सुनीता वर्मा के आवास पर सुनीता वर्मा और श्याम मोहन अग्निहोत्री को पांच लाख रुपये नकद दे दिए। इसके बाद पांच दिसंबर को सिल्वर टच टेक्नोलॉजी लिमिटेड की ओर से आरटीओ कार्यालय बरेली में डेटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति का पत्र ई-मेल से आया। आठ दिसंबर को अमन ने नौकरी भी ज्वाइन कर ली।
नौकरी तो मिली, लेकिन वेतन ने खोल दिया पूरा खेल
अमन के मुताबिक, छह जनवरी 2026 को श्याम मोहन अग्निहोत्री आरटीओ कार्यालय पहुंचे। वेतन नहीं आने पर उसने उनसे सवाल किया और पांच लाख रुपये की सिक्योरिटी की रसीद मांगी। आरोप है कि इस पर उसे बताया गया कि पांच लाख रुपये सिक्योरिटी के नहीं, बल्कि नौकरी लगवाने के बदले लिए गए थे। पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी दी गई। अमन का कहना है कि उसे 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने की बात कही गई थी, लेकिन उसके खाते में केवल 11,605 रुपये ही पहुंचे। इसके बाद उसने परिवहन विभाग के अधिकारियों से शिकायत की। आरोप है कि शिकायत करने के बाद उसे काम करने से रोक दिया गया।
लाइसेंस के कागज रोककर वसूली करने का भी आरोप
पीड़ित अमन ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उससे कहा गया कि नौकरी करनी है तो दलाली करके पैसा देना होगा। आरोप है कि उसे यह भी बताया गया कि लाइसेंस के कागजात रोककर लोगों से रुपये वसूले जाते हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी। अमन ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ नौकरी के नाम पर लिए गए पांच लाख रुपये वापस दिलाने की मांग की है। बारादरी पुलिस ने लखनऊ के दोनों अधिकारी सुनीता वर्मा, श्याम मोहन अग्निहोत्री, आरटीओ कार्यालय के बाबू निखिल शर्मा, विकास यादव, शैलेंद्र, हारुन अंसारी और विमल पाठक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।