नोएडा/गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) से राजधानी दिल्ली का सफर करने वाले वाहन चालकों की मुश्किलें अगले दो दिनों तक बढ़ सकती हैं। डाक कांवड़ियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए पुलिस ने मेरठ से यूपी गेट तक एक्सप्रेसवे के हिस्से पर ट्रैफिक संचालन को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। कांवड़ियों की संख्या कम होने पर रास्ता सामान्य वाहनों के लिए खोला जाएगा, जबकि भीड़ बढ़ते ही इसे तत्काल बंद किया जा सकता है। यह व्यवस्था 11 अगस्त तक प्रभावी रहेगी।
डाक कांवड़ियों की संख्या तय करेगी कब खुलेगा रास्ता
पुलिस के मुताबिक, मेरठ से यूपी गेट तक ट्रैफिक को पूरी तरह स्थायी रूप से बंद रखने के बजाय अब परिस्थितियों के अनुसार फैसला लिया जाएगा। डाक कांवड़ियों की संख्या कम रहने पर सामान्य वाहनों को एक्सप्रेसवे से गुजरने दिया जाएगा। जैसे ही कांवड़ियों का दबाव बढ़ेगा, सुरक्षा के मद्देनजर सामान्य यातायात रोक दिया जाएगा।
कांवड़ के लिए रिजर्व किया एक्सप्रेसवे का हिस्सा
रविवार सुबह करीब आठ बजे पुलिस ने मेरठ के पास काशी टोल प्लाजा से यूपी गेट तक सड़क को डाक कांवड़ियों के लिए रिजर्व कर दिया। डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन के मुताबिक, मेरठ-गाजियाबाद की ओर आने वाला हिस्सा डाक कांवड़ की आवाजाही के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
पहले 7 अगस्त से बंद करने की थी तैयारी
पुलिस ने 24 जुलाई को जारी ट्रैफिक डायवर्जन प्लान में इस हिस्से को 7 अगस्त से बंद करने की तैयारी की थी। हालांकि, शुरुआती दिनों में डाक कांवड़ियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहने के कारण एक्सप्रेसवे को सामान्य वाहनों के लिए दो दिन अतिरिक्त खुला रखा गया। रविवार को मेरठ की ओर से डाक कांवड़ियों की संख्या बढ़ने की सूचना मिलने के बाद व्यवस्था में बदलाव करना पड़ा।
दिल्ली जाने वालों को झेलना पड़ सकता है जाम
सबसे ज्यादा परेशानी सोमवार और मंगलवार को गाजियाबाद-नोएडा से दिल्ली कार्यालय जाने वाले लोगों को हो सकती है। जब भी DME पर सामान्य वाहनों की आवाजाही रोकी जाएगी, ट्रैफिक का दबाव वैकल्पिक और अंदरूनी मार्गों पर बढ़ेगा। गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाले वाहनों को वैशाली की लिंक रोड और आनंद विहार बॉर्डर की ओर डायवर्ट किया जा सकता है।
चिल्ला बॉर्डर और नोएडा एक्सप्रेसवे पर भी बढ़ सकता है दबाव
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर पाबंदी का असर नोएडा के रास्तों पर भी दिखाई दे सकता है। चिल्ला बॉर्डर और नोएडा एक्सप्रेसवे की तरफ वाहनों का दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में दिल्ली जाने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी देखकर ही अपना रूट चुनने की सलाह दी जा रही है।