रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अवतरण दिवस समारोह, युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ की ओर से शुक्रवार को व्यवसाय प्रशासन विभाग स्थित प्रो. एसबी सिंह ऑडिटोरियम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अवतरण दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस वर्ष समारोह की केंद्रीय विषयवस्तु “विकसित भारत 2047 का महामार्ग : अंत्योदय” रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ।
राज्यपाल ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा
मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए युवा शक्ति को देश के भविष्य की आधारशिला बताया। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र और समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संदर्भ में प्रासंगिक बताया।
कुलपति ने गांव-गरीब-किसान को विकास का केंद्र बताया
कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान पर केंद्रित था। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए गांव, गरीब और किसान के विकास को प्राथमिकता देना जरूरी है।
डॉ. महेश शर्मा ने दीनदयाल दर्शन के आर्थिक पक्ष पर रखी बात
मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. महेश शर्मा, कुलाधिपति महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिहार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन-दर्शन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने संतोष गंगवार के साथ एबीवीपी के दिनों की स्मृतियां भी साझा कीं। अपने संबोधन में उन्होंने दैशिक शास्त्र, विराट कल्पना, राष्ट्रीय पुरुषार्थ, गांव की प्रतिभा, ओडीओपी तथा कृषि एवं ग्रामोद्योग आधारित अर्थव्यवस्था जैसे विषयों को विकास से जोड़ा। उन्होंने विनोबा भावे और परमानंद जी से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए।
स्थानीय उत्पादन और ग्रामीण प्रतिभा पर विशेष जोर
वक्ताओं ने विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ ग्रामीण प्रतिभाओं और स्थानीय संसाधनों को अवसर देने की जरूरत बताई। कृषि, ग्रामोद्योग और स्थानीय उत्पादन को अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
पुस्तक ‘भारतीयता के अमर साधक’ का विमोचन
समारोह में डॉ. सौरभ वर्मा और ध्रुव शर्मा की पुस्तक “भारतीयता के अमर साधक पंडित दीनदयाल उपाध्याय” का विमोचन राज्यपाल संतोष गंगवार, कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय और पद्मश्री डॉ. महेश शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
शोध पीठ की टीम ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
कार्यक्रम के संयोजन में शोध पीठ के संयोजक डॉ. सौरभ वर्मा तथा सह-संयोजक डॉ. अमित वर्मा, डॉ. विमल कुमार और डॉ. रश्मि रंजन का योगदान रहा। इस दौरान अतिथियों का स्वागत किया गया और अंत में सभी अतिथियों, अधिकारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।