बरेली। मानसून की दस्तक से पहले शहर में जलनिकासी व्यवस्था को लेकर नगर निगम की तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत नाला सफाई प्रगति रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अब तक शहर के केवल 50 प्रतिशत नालों की ही सफाई पूरी हो सकी है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में तेज बारिश होती है तो शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा होना तय है। रिपोर्ट सामने आने के बाद नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों पर नाराजगी जताते हुए अभियान में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त संजीव कुमार ने कहा नाला सफाई कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मानसून सिर पर है, इसलिए सफाई अभियान युद्धस्तर पर चलाया जाए। यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए अब दिन के साथ-साथ रात में भी नालों की सफाई कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के बड़े नालों के साथ-साथ मोहल्लों के छोटे नाले और नालियों की भी प्राथमिकता के आधार पर सफाई कराई जाए, ताकि बारिश के दौरान जलनिकासी सुचारु बनी रहे।
टेंडर हो चुके, लेकिन काम की रफ्तार धीमी
बैठक में बताया गया कि शहर के प्रमुख नालों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर कार्य की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिली। इसे गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने सभी ठेकेदारों को तय समय सीमा के भीतर सफाई कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई ठेकेदार लापरवाही करता है या निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हर साल बारिश में डूबते हैं शहर के कई इलाके
शहर में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या हर साल लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती है। समय पर नालों की सफाई नहीं होने से प्रमुख सड़कें, बाजार और कई रिहायशी इलाके पानी में डूब जाते हैं। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ लोगों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ती है। हाल ही में हुई नगर निगम की बैठक में पार्षदों ने भी नाला सफाई और जलभराव के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे और समय रहते अभियान पूरा कराने की मांग की थी।
अब होगी सख्त निगरानी, निरीक्षण के बाद ही भुगतान
जनप्रतिनिधियों की नाराजगी और मानसून की चुनौती को देखते हुए नगर निगम ने अब नाला सफाई अभियान की निगरानी और सख्त कर दी है। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ठेकेदारों द्वारा कार्य पूरा करने के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन करेगी। जमीनी स्तर पर संतुष्टि मिलने के बाद ही संबंधित कार्य का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त का बयान
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि शहर को जलभराव से बचाने के लिए सभी नालों और नालियों की सफाई तेजी से कराई जा रही है। अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और अभियान में किसी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मानसून के दौरान शहरवासियों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।