बरेली। नगर निगम की बोर्ड बैठक शुक्रवार को सवाल, जवाब और तीखी नोकझोंक के बीच चली। हाउस टैक्स और अवैध निर्माण से लेकर कुत्ते-बंदरों के आतंक तक पार्षदों ने अफसरों को घेरा। वार्डों में बदहाल सफाई और अधूरे निर्माण कार्यों पर भी नाराजगी फूटी। पार्षदों ने पुरानी बोर्ड बैठकों के फैसलों की याद दिलाते हुए पूछा कि सदन में निर्देश तो दिए जाते हैं, लेकिन जमीन पर उनका असर क्यों नहीं दिखाई देता।
मेयर डॉ. उमेश गौतम की अध्यक्षता में नगर निगम सभागार में बैठक शुरू हुई तो पार्षदों ने एक के बाद एक मुद्दे उठाने शुरू कर दिए। पिछली बोर्ड बैठकों में उठी समस्याओं और अफसरों को दिए गए निर्देशों का मुद्दा सबसे पहले गरमाया। पार्षदों ने पूछा कि पुराने फैसलों में कितनों पर काम पूरा हुआ और कितने अब भी फाइलों में अटके हैं। कई मामलों में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पार्षदों ने नाराजगी जताई।
हाउस टैक्स पर सवालों की बौछार, अवैध निर्माण पर भी घिरे अफसर
हाउस टैक्स को लेकर सदन में जमकर सवाल उठे। पार्षदों ने टैक्स से जुड़े लंबित मामलों को उठाते हुए व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। इसके बाद अवैध निर्माण का मुद्दा उठा तो बहस और तेज हो गई। पार्षदों ने कार्रवाई में कथित भेदभाव का आरोप लगाते हुए पूछा कि कहीं कार्रवाई होती है और कहीं मामला लंबे समय तक लटका रहता है। वहीं शहर की गलियों और कॉलोनियों में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक भी बोर्ड बैठक में बड़ा मुद्दा बना। पार्षदों ने कहा कि कई इलाकों में हालात ऐसे हैं कि बच्चों और बुजुर्गों का अकेले निकलना मुश्किल हो रहा है। लगातार सामने आ रही हमलों की घटनाओं को लेकर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठे। पार्षदों ने सिर्फ खानापूर्ति के बजाय बड़े स्तर पर अभियान चलाने की मांग की।
वार्डों में सफाई का बुरा हाल, अधूरे कामों पर फूटा गुस्सा
सफाई व्यवस्था को लेकर भी पार्षदों ने अफसरों को जमकर घेरा। कई वार्डों में नियमित सफाई नहीं होने, गंदगी और दूसरी समस्याओं का मुद्दा उठाया गया। इसके साथ ही लंबे समय से अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को लेकर भी नाराजगी दिखाई दी। पार्षदों का कहना था कि काम शुरू होने के बाद महीनों तक अधूरा छोड़ दिए जाने से जनता को परेशानी झेलनी पड़ती है और जवाब पार्षदों को देना पड़ता है। बहस के दौरान पार्षदों की नाराजगी का बड़ा कारण वार्डों की लंबित समस्याएं रहीं। उनका कहना था कि सड़क, सफाई, निर्माण और दूसरी बुनियादी समस्याओं को लेकर जनता सीधे पार्षदों से सवाल करती है। सदन में मामला उठाने के बाद भी समय से काम नहीं होने पर लोगों की नाराजगी उन्हें झेलनी पड़ती है। इसी को लेकर कई बार पार्षदों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई।
कुछ प्रस्तावों को हरी झंडी, अधूरे एजेंडे फिर आएंगे सदन में
हंगामे और सवाल-जवाब के बीच विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव भी सदन में रखे गए। जिन प्रस्तावों पर पार्षदों की सहमति बनी, उन्हें मंजूरी दे दी गई। जिन पर सवाल उठे या जानकारी अधूरी मिली, उन्हें दोबारा पूरी तैयारी के साथ बोर्ड के सामने रखने को कहा गया। बैठक में मेयर डॉ. उमेश गौतम, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य समेत नगर निगम के अधिकारी और पार्षद मौजूद रहे। करीब पूरी बैठक में हाउस टैक्स, अवैध निर्माण, सफाई, अधूरे विकास कार्य और कुत्ते-बंदरों की समस्या छाई रही।