बरेली। नगर निगम में सोमवार को ठेका सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते बड़े बवाल में बदल गया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में पहुंचे कर्मचारियों और कर्मचारी नेताओं ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी का गिरेबान पकड़ लिया और एक युवक ने चूड़ियां निकालकर उनके चेहरे की ओर फेंक दीं। घटना से नगर निगम परिसर में अफरा-तफरी मच गई और काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष आशीष कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ठेका सफाई कर्मचारी और महिलाएं अपनी मांगों को लेकर नगर निगम पहुंचे थे। कर्मचारी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लगे संविदा कर्मियों के मानदेय और अन्य समस्याओं को लेकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रकाश से मिलने पहुंचे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में विवाद का रूप ले बैठी।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी का पकड़ा गिरेबान
कार्यालय के भीतर माहौल इतना गर्म हो गया कि हाथापाई की नौबत आ गई। आरोप है कि कुछ लोगों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ अभद्रता करते हुए उनका गिरेबान पकड़ लिया। इसी दौरान एक युवक ने डिब्बे से चूड़ियां निकालकर अधिकारी की ओर फेंक दीं। घटना के समय नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रकाश अपने कार्यालय में उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नैन सिंह समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। कार्यालय के भीतर अचानक हुए हंगामे की आवाज सुनकर आसपास के विभागों के कर्मचारी भी बाहर निकल आए। देखते ही देखते नगर निगम परिसर में भारी भीड़ जुट गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की सूचना तत्काल नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य को दी गई, जिसके बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया।
मानदेय को लेकर भड़का विवाद
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को शासनादेश के अनुसार 13 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलना चाहिए, जबकि उन्हें केवल 7,500 रुपये दिए जा रहे हैं। इसी मांग को लेकर कर्मचारी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। दूसरी ओर नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि संबंधित कर्मचारी ठेकेदार के माध्यम से नियुक्त हैं और स्वास्थ्य विभाग का उनसे सीधा संबंध नहीं है।
कर्मचारी नेता ने आरोपों को बताया निराधार
स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष आशीष कुमार ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि वे लोग केवल कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने पहुंचे थे। किसी प्रकार की अभद्रता या हाथापाई नहीं की गई। घटना के बाद उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ हुए व्यवहार की कड़ी निंदा की है। संगठन के महानगर अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी दोनों व्यवस्था का हिस्सा हैं और समस्याओं का समाधान बातचीत से होना चाहिए। किसी भी अधिकारी के साथ अभद्रता स्वीकार नहीं की जा सकती।
दोनों पक्षों ने दी तहरीर, जांच के आदेश
मामले में दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई है। नगर निगम प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यालय में इस तरह की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ विभागीय तथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि मामले में नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से तहरीर दी गई है। इस तरह की घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसकी जांच कराई जा रही है। विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जाएगी।