प्रयागराज। शहर के कैंटोनमेंट इलाके में बुधवार देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई जब हाईकोर्ट के अधिवक्ता और पूर्व छात्र नेता रजनीश कुमार सिंह पर थार सवार युवकों ने कथित तौर पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। मामले में एक महिला प्रिंसिपल और कॉलेज प्रबंधक के बेटे का नाम सामने आने से मामला और गर्मा गया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव से लौट रहे थे अधिवक्ता, रास्ते में घेरकर हमला
श्रिया अपार्टमेंट बाबा चौराहा निवासी अधिवक्ता रजनीश कुमार सिंह के मुताबिक वह बुधवार रात अपने गांव बनवीपंपुर से प्रयागराज लौट रहे थे। रात करीब 11:39 बजे उनकी कार जैसे ही कैंटोमेंट एरिया स्थित 271 गेट तेलियरगंज के पास पहुंची, तभी बिना नंबर प्लेट वाली एक काली थार ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर लिया। आरोप है कि थार सवार लोगों ने अचानक उनकी कार पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई। जान बचाने के लिए रजनीश ने गाड़ी तेजी से आगे बढ़ाई और हमलावरों का पीछा करते हुए उनका वीडियो भी रिकॉर्ड करने की कोशिश की।
कैंट इलाके में खुलेआम फायरिंग से दहशत
पीड़ित अधिवक्ता का कहना है कि आर्मी कैंटोनमेंट जैसे संवेदनशील इलाके में खुलेआम गोलियां चलना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिस को वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने थार वाहन की पहचान कर ली है। बताया जा रहा है कि वाहन कलश चौराहे के पास खड़ा मिला। गाड़ी में तीन लोग सवार थे। दो आरोपी आगे और एक पीछे बैठा था।
महिला प्रिंसिपल और प्रबंधक के बेटे पर आरोप
मामले में बिशप जॉनसन स्कूल एवं कॉलेज की महिला प्रिंसिपल प्रियदर्शिनी और डायोसिस ऑफ लखनऊ के बिशप मॉरिस एडगर डॉन के बेटे एलन डॉन का नाम सामने आया है। अधिवक्ता रजनीश सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस रसूखदार लोगों पर कार्रवाई करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो रही। इससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस बोली- एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
पूरे मामले पर एसीपी सिविल लाइंस विद्युत गोयल ने बताया कि घटना की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल जांच में दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया गया है।
अधिवक्ताओं में आक्रोश, पुलिस अफसरों से की शिकायत
घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। वकीलों ने पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर अजय पाल शर्मा से मुलाकात कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।