बरेली। इज्जतनगर क्षेत्र के एक निजी अस्पताल के संचालक पर अपनी ही स्टाफ नर्स के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल संचालक ने पहले फोन पर अश्लील बातें कर मानसिक दबाव बनाया, फिर सैलरी देने के बहाने कार में बैठाकर तमंचे के बल पर होटल ले गया और वहां दुष्कर्म किया। घटना के बाद उसे बीच रास्ते में छोड़कर फरार हो गया। शिकायत के आधार पर इज्जतनगर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
नौकरी के दौरान बढ़ाई नजदीकियां, शुरू की अश्लील हरकतें
शाहजहांपुर के खुदागंज थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती ने पुलिस को बताया कि वह इज्जतनगर क्षेत्र में किराये के मकान में रहकर काम करती है। 12 जनवरी 2026 को उसने बीडी जनता अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में नौकरी शुरू की थी। आरोप है कि अस्पताल संचालक चंद्र प्रताप ने कुछ समय बाद फोन पर अश्लील बातें करना शुरू कर दिया। इसके बाद वह अस्पताल में भी छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार करने लगा। पीड़िता का कहना है कि विरोध करने पर आरोपी उसे नौकरी से निकलवाने और बरेली छोड़ने के लिए मजबूर करने की धमकी देता था।
सैलरी देने के बहाने बुलाया, फिर होटल में बनाया शिकार
पीड़िता के मुताबिक अप्रैल 2026 में आरोपी ने वेतन देने के बहाने उसे अपनी कार में बैठा लिया। रास्ते में जब उसने सैलरी मांगी तो आरोपी ने तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उसे एक होटल में ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी उसे बीच रास्ते में छोड़कर फरार हो गया। डर और बदनामी के भय से उसने उस समय किसी को घटना की जानकारी नहीं दी।
पीछा कर बना रहा था दबाव, कमरे तक पहुंच गया आरोपी
युवती का आरोप है कि घटना के बाद भी आरोपी लगातार उस पर दबाव बनाता रहा। बात न करने पर जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। गुरुवार को वह किसी काम से विश्वविद्यालय गई थी, जहां आरोपी पहुंच गया। शुक्रवार को उसने रास्ते में घेर लिया और बाद में उसके कमरे तक पहुंच गया। आरोपी की हरकतों से घबराई पीड़िता ने यूपी-112 पर सूचना दी और इज्जतनगर थाने पहुंचकर तहरीर दी।
मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
इज्जतनगर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर अस्पताल संचालक चंद्र प्रताप के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है और मामले की जांच की जा रही है। आरोपों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।