बरेली। कैंट क्षेत्र में प्लॉट के रास्ते और कब्जे को लेकर बुधवार सुबह कलक्ट्रेट गेट पर मां-बेटी के आत्मदाह के प्रयास के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। डीएत अविनाश सिंह ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए पीड़ित को बुलाकर पूरा मामला जाना और एसडीएम सदर से रिपोर्ट तलब की। इसके बाद तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस की टीम मानपुर चिकटिया पहुंची। मौके पर पैमाइश कराई गई तो राजस्व अभिलेखों में शिकायतकर्ता और विपक्षी की जमीन के बीच कोई रास्ता दर्ज नहीं मिला। प्रशासन ने विवाद को निजी भूमि से जुड़ा सिविल प्रकृति का मामला बताया है।
मानपुर चिकटिया निवासी गौरव के परिवार का आरोप है कि कैंट क्षेत्र में उनके करीब 200 गज के प्लॉट पर पड़ोसी राजवीर ने कथित रूप से कब्जा कर निर्माण शुरू कर दिया है। परिवार का दावा है कि शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर बुधवार सुबह कमलेश, मुन्नी, रोशनी और विमलेश परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचीं। आरोप है कि चारों महिलाओं ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया और आत्मदाह का प्रयास किया। गेट पर तैनात होमगार्ड संदीप शर्मा और अन्य सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल पेट्रोल की बोतल छीनकर उन्हें रोक लिया। इसके बाद चारों महिलाओं को जिला अस्पताल भेजा गया।
डीएम के आदेश पर गांव पहुंची राजस्व-पुलिस टीम
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने मामले का संज्ञान लिया। संयुक्त मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर इशिता किशोर से पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई। कमलेश ने डीएम को बताया कि उनका प्लॉट गाटा संख्या 139 में है और विपक्षी राजवीर सिंह उनके प्लॉट पर आने-जाने का रास्ता बंद कर रहे हैं। डीएम के निर्देश पर तहसीलदार सदर राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शिकायतकर्ता, विपक्षी और ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों पक्षों की सहमति से जमीन की पैमाइश कराई गई।
अभिलेखों में गाटा 139 और 145 के बीच नहीं मिला रास्ता
प्रशासन के मुताबिक पैमाइश में शिकायतकर्ता का प्लॉट गाटा संख्या 139 में पाया गया, जबकि उससे सटा गाटा संख्या 145 राजवीर सिंह के नाम दर्ज है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार दोनों गाटा संख्याओं के बीच कोई रास्ता दर्ज नहीं है। गाटा संख्या 139 में कई सहखातेदार श्रेणी 1क के संक्रमणीय भूमिधर के रूप में दर्ज हैं, जबकि गाटा संख्या 145 राजवीर सिंह के नाम श्रेणी 1क में दर्ज है। प्रशासन का कहना है कि विवाद निजी भूमि से संबंधित होने के कारण सिविल प्रकृति का है।
एक जुलाई को भी हुई थी शिकायत, मौके पर पहुंची थी टीम
कमलेश ने एक जुलाई 2026 को आईजीआरएस के माध्यम से भी शिकायत की थी। उस समय भी राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर गई थी और दोनों पक्षों के बीच सहमति से विवाद सुलझाने का प्रयास किया गया था। दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनने और मामला निजी भूमि से संबंधित होने के कारण उन्हें सिविल न्यायालय से राहत लेने की सलाह दी गई थी। प्रशासन के अनुसार शिकायतकर्ता ने सिविल न्यायालय में वाद भी दायर किया है, हालांकि वाद संख्या उपलब्ध नहीं कराई गई है।
पुलिस की भूमिका और मारपीट के भी लगाए थे आरोप
परिवार ने आरोप लगाया था कि मंगलवार को महिलाएं निर्माण रुकवाने पहुंचीं तो वहां कैंट थाने के हल्का प्रभारी दरोगा भी मौजूद थे। महिलाओं ने निर्माण का विरोध किया तो उनके साथ कथित मारपीट कर वहां से भगा दिया गया। जमीन के विवाद के साथ पुलिसकर्मी की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
दोबारा ऐसा किया तो होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने आत्मदाह के प्रयास की घटना पर नाराजगी जताई है। प्रशासन का कहना है कि शिकायत पर पूर्व में भी मौके पर जांच और नियमानुसार कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद कलक्ट्रेट गेट पर इस तरह का कृत्य किया जाना उचित नहीं है। डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि भविष्य में किसी व्यक्ति द्वारा इस तरह का कृत्य किया गया तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।