UP NEWSMDR के विरोध में पंपलेट बांटकर जागरूकता अभियान चलाते व्यापारी।

बरेली। यूपीआई से होने वाले कुछ व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाए जाने के विरोध में बरेली के व्यापारी उतर आए हैं। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने आलमगीरीगंज से चार दिवसीय जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। व्यापारियों और आम लोगों को पंपलेट बांटकर MDR के बारे में जानकारी दी जा रही है। संगठन ने सरकार से इस शुल्क को वापस लेने की मांग की है।

ऑनलाइन कारोबार और मंदी से पहले ही परेशान हैं व्यापारी

संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष सतीश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि बाजार में मंदी और ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते प्रभाव से स्थानीय व्यापारी पहले ही परेशान हैं। अब यूपीआई के चुनिंदा लेनदेन पर MDR लागू होने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। संगठन ने सांसद के माध्यम से वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजकर इस व्यवस्था पर दोबारा विचार करने की मांग की है।

अलग-अलग बाजारों में बांटे जाएंगे पंपलेट

प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री अनिल अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों ने काफी प्रयास के बाद यूपीआई को अपने कारोबार का हिस्सा बनाया है। अब शहर से लेकर गांव तक बड़ी संख्या में लोग डिजिटल भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में MDR लगने से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की कोशिश प्रभावित हो सकती है। उन्होंने बताया कि चार दिन तक सर्राफा बाजार, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट, बांसमंडी हार्डवेयर मार्केट, सिविल लाइंस और सुभाष नगर समेत अन्य बाजारों में अभियान चलाया जाएगा। व्यापारियों को MDR और उसके संभावित असर की जानकारी दी जाएगी।

व्यापारियों को नकद लेनदेन बढ़ने की आशंका

व्यापारी नेताओं का कहना है कि यदि डिजिटल भुगतान की अतिरिक्त लागत व्यापारियों पर पड़ती है तो कुछ कारोबारी दोबारा नकद लेनदेन को प्राथमिकता दे सकते हैं। इससे बाजार में नकदी रखने और उसकी सुरक्षा जैसी पुरानी परेशानियां बढ़ सकती हैं। संगठन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से MDR व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

सभी UPI भुगतान पर नहीं लगेगा 0.4% MDR

केंद्र सरकार ने 15 सितंबर को स्पष्ट किया है कि 0.4 प्रतिशत MDR सभी यूपीआई लेनदेन पर नहीं लगेगा। यह केवल 2,000 रुपये से अधिक के निर्धारित ग्राहक-से-व्यापारी (P2M) लेनदेन पर लागू होगा। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाला यूपीआई लेनदेन पूरी तरह मुफ्त रहेगा। 2,000 रुपये तक के व्यापारी भुगतान और शून्य-MDR व्यवस्था में आने वाले छोटे व्यापारियों के भुगतान भी इससे बाहर रहेंगे। सरकार के मुताबिक करीब 96 प्रतिशत P2M लेनदेन पर इसका असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि MDR ग्राहक से वसूला जाने वाला शुल्क नहीं है। बैंकों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि व्यापारी इस शुल्क का बोझ ग्राहकों पर न डालें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *