नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन में मंगलवार को एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। 20 जुलाई के मार्च और लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारियों के समर्थन में देशभर से ऑनलाइन फूड डिलीवरी के जरिए खाने के पैकेट पहुंचने लगे। पूरे दिन स्विगी, जोमैटो और ब्लिंकिट के डिलीवरी पार्टनर धरनास्थल पर लगातार ऑर्डर पहुंचाते रहे।
डिलीवरी एजेंट रोहित कुमार ने बताया कि सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक वह करीब 15 ऑर्डर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा चुके हैं। कई ऑर्डर प्रदर्शनकारियों के नाम से थे, जबकि कुछ में लिखा था कि खाना किसी भी प्रदर्शनकारी तक पहुंचा दिया जाए।
धरना स्थल पर दोपहर तक बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। किसी के हाथ में पिज्जा था तो किसी के पास बर्गर और अन्य खाद्य सामग्री। खाने की व्यवस्था संभाल रहे इंदौर निवासी वॉलंटियर बादल भंडारी ने बताया कि आज जितना भोजन यहां पहुंचा, उतना पहले कभी नहीं आया। उन्होंने कहा कि देशभर से लोग छात्रों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
वॉलंटियर राम ने बताया कि महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से लोगों ने ऑनलाइन भोजन भेजा है। कुछ लोग स्वयं घर का बना खाना लेकर भी पहुंचे। वहीं निहारिका और खुशी नाम की छात्राओं ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर पराठे, सब्जी और बर्गर खरीदकर प्रदर्शनकारियों को दिए।
संत नगर से पहुंचीं कलाकार स्वाति ने कहा कि वह दवाइयां, चने और बिस्किट लेकर आई थीं, लेकिन रास्ते में एक डिलीवरी एजेंट ने उनसे प्रदर्शनकारियों तक खाने के पैकेट पहुंचाने का अनुरोध भी किया। उन्होंने कहा कि जो लोग आंदोलन की फंडिंग पर सवाल उठा रहे हैं, उनके लिए यह “प्यार की फंडिंग” है।
हालांकि देर रात आंदोलन के आयोजकों ने अपील जारी कर लोगों से फिलहाल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भोजन या अन्य जरूरी सामान भेजने से रोकने को कहा। उनका कहना है कि इस समय प्रदर्शन स्थल पर आवश्यक सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है।