बरेली। जनपद में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए सत्य नारायन जिला जयपुर का और रमा कांत मथुरा के रहने वाले खनन माफियाओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। खनन अधिकारी बरेली और नायब तहसीलदार आंवला की संयुक्त टीम ने सुनियोजित अभियान चलाया।
शिकायतों के सत्यापन के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशासन को लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध खनन और बिना वैध अनुमति खनिज परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के सत्यापन के बाद खनन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने 16 जुलाई 2026 को अचानक छापेमारी की। टीम की मौजूदगी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।
अवैध खनिज परिवहन पर प्रशासन का शिकंजा
कार्यवाही के दौरान जिन डंपरों को पकड़ा गया, वे बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के खनन सामग्री का परिवहन करते पाए गए। इसके बाद सभी वाहनों को थाना कैंट लाकर सीज करने की कार्यवाही की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खनन से जुड़े सभी दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध खनन अधिनियम और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
बिना अनुमति खनन और परिवहन करने वालों पर कड़ी निगरानी
प्रशासन का कहना है कि जनपद में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नदियों, सरकारी भूमि और अन्य क्षेत्रों से अवैध रूप से खनिज निकालने तथा बिना अनुमति परिवहन करने वालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए खनन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रही हैं।
अवैध रूप से चल रहे वाहनों की बरामदगी कर किया सीज
ग्राम कोहनी–प्रतापपुर चौबारी बॉर्डर से 5 डंपर जब्त, थाना कैंट में किए गए सीज चौबारी बॉर्डर क्षेत्र में छापेमारी की। कार्यवाही के दौरान अवैध रूप से खनन सामग्री का परिवहन कर रहे पांच डंपरों को मौके से पकड़ लिया गया। सभी वाहनों को कब्जे में लेकर थाना कैंट में खड़ा कराया गया, सत्य नारायन के दो डम्फर और रमा कांत के 3 डम्फरों को नियमानुसार उन्हें सीज कर दिया गया।
जिले भर में जारी रहेगा अवैध खनन के खिलाफ अभियान
अधिकारियों ने बताया कि अवैध खनन न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाता है, इस लिये पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को भी गंभीर क्षति पहुंचाता है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और छापेमारी जारी रहेगी।