बरेली। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां द्वारा स्थापित जौहर विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उत्तर प्रदेश सरकार और रामपुर प्रशासन से पुनर्विचार की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि आजम खां ने कोई कानूनी गलती की है तो उसकी सजा उन्हें मिल रही है, लेकिन एक शैक्षणिक संस्थान को इसका खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए।
प्रेस को जारी बयान में मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय उस महान स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मुहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने दावा किया कि गोलमेज सम्मेलन के दौरान भारत की आजादी के पक्ष में लगातार लंबे समय तक प्रभावशाली भाषण देने से उनकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में लंदन में उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि मौलाना जौहर और उनके भाई मौलाना शौकत अली ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर
मौलाना बरेलवी ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय केवल एक इमारत नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों की शिक्षा का केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में गरीब और कमजोर वर्ग के छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। यदि विश्वविद्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई होती है तो इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ेगा।
सरकार निकाले वैकल्पिक समाधान
उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से अपील की कि भवनों को ध्वस्त करने के बजाय कोई वैकल्पिक समाधान निकाला जाए। उनके अनुसार, यदि किसी निर्माण में कानूनी खामियां हैं तो सरकार संबंधित भवनों को अपने नियंत्रण में ले सकती है या नियमानुसार कंपाउंडिंग और जुर्माने जैसी कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने कहा कि इमारतों को गिराना अंतिम विकल्प नहीं होना चाहिए।
प्रशासन से पुनर्विचार की अपील
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि प्रशासन और संबंधित पक्ष आपसी संवाद के जरिए ऐसा रास्ता निकाले, जिससे कानून का पालन भी हो और छात्रों की शिक्षा भी प्रभावित न हो। उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की।