बरेली। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में लोगों की जेब से मोबाइल उड़ाकर बैंक खातों से रकम पार कराने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने झारखंड के तीन और बरेली के एक आरोपी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 28 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरोह चोरी के मोबाइल साइबर ठगों को बेचकर मोटा मुनाफा कमाता था।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया मामले का खुलासा उस समय हुआ जब सीबीगंज क्षेत्र के एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी होने के बाद उसके बैंक खाते से लाखों रुपये निकाल लिए गए। साइबर थाना पुलिस ने एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायत की तकनीकी जांच शुरू की। मोबाइल नंबर की लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर रेलवे जंक्शन के पास मनोरंजन सदन के निकट घेराबंदी कर चारों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड के साहिबगंज निवासी अश्वनी कुमार महतो, गोविंद कुमार महतो और बादल महतो के अलावा बरेली के भूता निवासी राहुल मिश्रा शामिल हैं। तलाशी में आरोपियों के बैग से आईफोन, वीवो, ओप्पो, सैमसंग, रियलमी, मोटोरोला समेत विभिन्न कंपनियों के 28 मोबाइल फोन और नकदी बरामद हुई।
भीड़ में मोबाइल उड़ाते, फिर खाते से निकालते थे रकम
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों का ध्यान भटकाकर मोबाइल चोरी करते थे। मोबाइल हाथ लगते ही उसमें मौजूद बैंकिंग ऐप और अन्य डिजिटल माध्यमों से खातों से रकम ट्रांसफर कर लेते थे। इसके बाद मोबाइल झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के साइबर अपराध प्रभावित इलाकों में बेच दिए जाते थे, जहां उनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी में किया जाता था। आरोपियों ने यह भी कबूला कि वे पहले भी कई शहरों में इसी तरह की वारदातें कर चुके हैं। जांच में सामने आया कि चोरी के मोबाइल बेचने के पीछे एक बड़ा साइबर नेटवर्क सक्रिय था। साइबर अपराधी इन्हीं मोबाइलों में फर्जी सिम डालकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे, जिससे पुलिस के लिए वास्तविक अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था। गिरोह को ऐसे मोबाइलों के बदले अच्छी रकम मिलती थी।
11 साल के बच्चे का भी कर रहे थे इस्तेमाल
कार्रवाई के दौरान पुलिस को आरोपियों के साथ 11 वर्षीय एक बालक भी मिला। पूछताछ में पता चला कि पिता की मौत के बाद आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर आरोपी उसे अपने साथ ले आए थे। बच्चे से चाय-पानी और सामान मंगवाने के अलावा उसे अपने साथ बाजारों में भी रखते थे। बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसने कई बार आरोपियों को मोबाइल चोरी करते देखा था। पुलिस ने उसे सुरक्षित संरक्षण में भेज दिया है। बरामद मोबाइलों का सीईआईआर पोर्टल पर सत्यापन कराया गया तो कई मोबाइल बरेली के अलग-अलग थानों में दर्ज गुमशुदगी के निकले। साइबर क्राइम थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया गिरोह के कुछ सदस्यों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया।