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बरेली। सावन के कांवड़ मेले को लेकर रेलवे और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाले कांवड़ मेले के दौरान बरेली से हरिद्वार, कछला और गढ़मुक्तेश्वर जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने की तैयारी कर रहा है। वहीं, रोडवेज बसों के रूट डायवर्जन के कारण यात्रियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 27, 28 और 29 जुलाई से ही कांवड़ियों का आवागमन शुरू हो जाएगा, जबकि सबसे अधिक भीड़ 8 से 11 अगस्त के बीच रहने की संभावना है। इसे देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल और उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल ने संबंधित स्टेशनों एवं कोचिंग डिपो अधिकारियों के साथ तैयारियों पर मंथन शुरू कर दिया है।

इन ट्रेनों में बढ़ेंगे अतिरिक्त कोच

बरेली होकर गुजरने वाली हरिद्वार एक्सप्रेस, हावड़ा-हरिद्वार एक्सप्रेस, देहरादून-हरिद्वार एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस, बरेली-कासगंज पैसेंजर, लालकुआं पैसेंजर तथा काठगोदाम-कासगंज पैसेंजर सहित कासगंज और बदायूं की ओर जाने वाली ट्रेनों में एक-एक अतिरिक्त सामान्य कोच जोड़े जाने की तैयारी है। कछला और गढ़मुक्तेश्वर रूट पर भी अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए क्षमता बढ़ाई जाएगी।

स्टेशनों पर रहेगा सुरक्षा का कड़ा पहरा

कांवड़ यात्रा के दौरान प्रमुख स्टेशनों पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमें तैनात रहेंगी। कांवड़ हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे और हरिद्वार, कछला तथा गढ़मुक्तेश्वर जाने वाली ट्रेनों की विशेष उद्घोषणाएं कराई जाएंगी। रेलवे स्क्वॉड भी ट्रेनों में लगातार निगरानी करेगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बस यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

कांवड़ मेले के दौरान रूट डायवर्जन का असर रोडवेज संचालन पर भी पड़ेगा। बदायूं, गढ़मुक्तेश्वर और हरिद्वार जाने वाली बसों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा। इससे बसों की दूरी करीब 35 से 100 किलोमीटर तक बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर यात्रा समय और किराये पर पड़ेगा। हर वर्ष कांवड़ मेले के दौरान इसी प्रकार का ट्रैफिक प्लान लागू किया जाता है।

कांवड़ रूट का अधिकारियों ने किया निरीक्षण

कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शनिवार को एसपी साउथ और एसपी ट्रैफिक ने कांवड़ रूट का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बरेली-बदायूं मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कछला जल लेने जाते हैं, लेकिन सड़क निर्माण कार्य जारी होने के कारण इस बार यातायात व्यवस्था में बदलाव की तैयारी की जा रही है।

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