Bareilly News: आंवला सर्किल को लेकर कई महीनों से चल रही राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाओं का आखिरकार रविवार को पटाक्षेप हो गया। एसएसपी ने पुलिस उपाधीक्षकों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल करते हुए आंवला सीओ नितिन कुमार का तबादला कर दिया। उनकी जगह नवागत पुलिस उपाधीक्षक हेमंत कुमार उपाध्याय को आंवला सर्किल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हेमंत एनसीआर से ट्रांसफर होकर हाल ही में बरेली आये थे।
जिले के एक भाजपा विधायक लंबे समय से तत्कालीन सीओ की कार्यशैली को लेकर असंतोष जता रहे थे। उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों के समक्ष आंवला सर्किल से सीओ को हटाने के लिये कहा था। राजनीतिक हलकों में विधायक और सीओ के बीच बेहतर समन्वय नहीं होने की चर्चा भी लंबे समय से होती रही। ऐसे में एसएसपी के तबादला आदेश के बाद इसे विधायक की लगातार उठाई जा रही आपत्तियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
किला, सुभाषनगर और सीबीगंज की करेंगे मानीटरिंग
आंवला से हटाए गए सीओ नितिन कुमार को सीधे नगर-द्वितीय सर्किल की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे बरेली शहर का चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील पुलिस सर्किल माना जाता है। इस सर्किल के अंतर्गत सुभाषनगर, किला और सीबीगंज जैसे महत्वपूर्ण थाना क्षेत्र आते हैं, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखना किसी भी अधिकारी के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। यदि किसी अधिकारी को ऐसे महत्वपूर्ण सर्किल की कमान सौंपी जाती है तो इसे उसकी प्रशासनिक क्षमता और वरिष्ठ अधिकारियों के भरोसे का संकेत माना जाता है। यही वजह है कि नितिन कुमार का तबादला केवल हटाए जाने के बजाय एक अहम जिम्मेदारी सौंपे जाने के रूप में भी देखा जा रहा है। इससे यह संदेश भी निकलता है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उनकी कार्यशैली पर अपना विश्वास कायम रखा है।
आंवला सर्किल की जिम्मेदारी संभालेंगे हेमंत
नवागत सीओ हेमंत कुमार उपाध्याय अब आंवला, भमौरा, विशारतगंज और अलीगंज थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की कमान संभालेंगे। उनके सामने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनसुनवाई और पुलिस-जन संवाद को और प्रभावी बनाने की चुनौती भी रहेगी। एसएसपी के आदेश के क्रम में सीओ अंजनी कुमार तिवारी को यातायात, यूपी-112 और वीआईपी व्यवस्थाओं का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा अन्य पुलिस उपाधीक्षकों के कार्यक्षेत्र में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अंजनी कुमार अभी तक सीओ द्वितीय का कार्यभार देख रहे थे। दरोगा और इंस्पेक्टर रहते हुये एसटीएफ में उन्हें पुलिसिंग का अच्छा अनुभव है। लेकिन सीओ रहते हुये बरेली में कुछ खास कमाल अभी तक नहीं कर पाये। इस वजह से उन्हें साइड पोस्टिंग मिली है।