बरेली के राजकीय इंटर कॉलेज से सरकारी ईंटें कथित रूप से बाहर ले जाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। आरोप है कि कॉलेज परिसर में रखी ईंटों को टुकटुक वाहन के माध्यम से बाहर ले जाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यह कार्य कॉलेज के चपरासी संतोष की मौजूदगी में हो रहा था, जिससे सरकारी संपत्ति के उपयोग और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बरेली जीआईसी की सरकारी ईंटों पर बवाल, चपरासी बोला– “प्रधानाचार्य की अनुमति से हो रहा काम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब चपरासी संतोष से इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि यह कार्य प्रधानाचार्य की अनुमति से कराया जा रहा है। इसके बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। आरोप यह भी है कि जिन ईंटों को बाहर ले जाया जा रहा था, उनका उपयोग बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय बरेली के एक सेवानिवृत्त चपरासी के भाई के चौपाल क्षेत्र स्थित निर्माणाधीन मकान में किया जा रहा है।
सरकारी ईंटों के मामले में नया खुलासा, बोले प्रधानाचार्य– “डीआईओएस से अनुमति लेने की जरूरत नहीं”
मामले की पुष्टि के लिए चपरासी संतोष के मोबाइल फोन से राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ओ.पी. राय से बातचीत की गई। उनसे पूछा गया कि क्या इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) बरेली को जानकारी है अथवा उनकी अनुमति ली गई है। इस पर प्रधानाचार्य ने कथित रूप से कहा कि उन्हें डीआईओएस से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है।
राजकीय इंटर कॉलेज से निर्माण सामग्री बाहर ले जाने पर अनुमति को लेकर विवाद
प्रधानाचार्य और चपरासी के कथित बयानों के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि यदि सरकारी परिसर से निर्माण सामग्री बाहर ले जाई जा रही थी तो उसकी अनुमति किस स्तर से दी गई और क्या इसके लिए विभागीय नियमों का पालन किया गया।
राजकीय इंटर कॉलेज ईंटें चोरी विवाद: डीआईओएस बरेली से संपर्क की कोशिश नाकाम, सीयूजी कॉल रिसीव नहीं हुई
मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) बरेली का पक्ष जानने के लिए उनके सीयूजी नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो सकी।