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up newsधरने पर बैठे छात्र नेता।

बरेली। बरेली कॉलेज में फीस बढ़ोतरी और छात्र समस्याओं को लेकर बुधवार को माहौल गरमा गया। समाजवादी छात्र सभा की महानगर इकाई के कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए छात्र नेता प्राचार्य कार्यालय पहुंचे और घेराव के बाद वहीं जमीन पर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने व्यावसायिक और स्नातक पाठ्यक्रमों में बढ़ाई गई फीस तत्काल वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र नेता और कार्यकर्ता कॉलेज परिसर में जुटे। छात्र हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्राचार्य का घेराव कर मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। छात्र नेताओं का कहना था कि फीस बढ़ने से सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

प्रवेश प्रक्रिया की जांच, छात्र संघ चुनाव की मांग

ज्ञापन में कॉलेज की प्रवेश प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई गई। इसके साथ ही लंबे समय से बंद छात्र संघ चुनाव को जल्द बहाल कराने की मांग की गई। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर समयबद्ध और सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र हितों के लिए चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी।

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आजाद हॉस्टल का ताला खुलवाया, संचालन शुरू करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान लंबे समय से बंद पड़े आजाद छात्रावास का मुद्दा भी जोरशोर से उठा। छात्र नेताओं ने छात्रावास को विद्यार्थियों के लिए खोलने की मांग की और आजाद हॉस्टल का ताला खुलवाया। उन्होंने कहा कि बाहर से पढ़ाई के लिए आने वाले विद्यार्थियों को छात्रावास बंद होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए इसका नियमित संचालन जल्द शुरू किया जाए।

लाइब्रेरी में नई किताबें, नियमित कक्षाओं पर भी जोर

छात्र नेताओं ने नई शिक्षा नीति के मानकों के अनुरूप कॉलेज के पुस्तकालय में नई और उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध कराने के साथ अध्ययन सुविधाएं बढ़ाने की मांग की। नियमित कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करने और पीएचडी शोधार्थियों को कॉलेज की ओर से आधिकारिक पहचान पत्र जारी करने का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल किया गया।

खेल मैदान से जिम-स्विमिंग पूल तक उठे सवाल

छात्रों ने कॉलेज के खेल मैदान के आधुनिकीकरण की मांग करते हुए इसे गैर-शैक्षणिक, राजनीतिक और सरकारी आयोजनों से होने वाले नुकसान से बचाने की बात कही। स्विमिंग पूल, जिम और बैडमिंटन कोर्ट समेत खेल सुविधाओं को आधुनिक बनाने की मांग भी की गई। इसके अलावा छात्र शिकायत निवारण व्यवस्था को प्रभावी बनाकर विद्यार्थियों की समस्याओं का तय समय में समाधान करने की मांग उठाई गई।

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