बरेली। आधी रात कार से जा रहे परिवार का रास्ता रोककर बदमाशों ने दहशत फैला दी। जान से मारने की धमकी देकर 1.50 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। कैंट पुलिस ने मामले में एक आरोपी अंकुर प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से वारदात की रकम से खरीदा गया महंगा मोबाइल बरामद हुआ है, जबकि उसका साथी राहुल अभी फरार है।
पुलिस के मुताबिक घटना 15 अगस्त की है। आरोप है कि सद्भावना कॉलोनी कांधरपुर निवासी अंकुर प्रताप सिंह ने अपने साथी राहुल के साथ मिलकर एक कार चालक को रोका और जान से मारने का भय दिखाया। इसके बाद चालक से 1.50 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए गए। पीड़ित ने कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में अंकुर ने पुलिस को बताया कि कार चालक से ऑनलाइन मिले 1.50 लाख में से 30 हजार उसने अपने साथी राहुल को दिए, जबकि शेष रकम उसके बैंक खाते में है। पुलिस अब संबंधित बैंक खाते और ट्रांजेक्शन की पड़ताल कर रही है।
वसूली की रकम से खरीदा Vivo V70
पुलिस ने अंकुर के कब्जे से Vivo V70 मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल को इसी रकम से खरीदने की बात कही। इसके बाद मोबाइल को कब्जे में लेते हुए मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) बढ़ाई गई है। बुधवार सुबह कैंट पुलिस वांछित आरोपियों की तलाश में निकली थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अंकुर बारी नगला बाजार से रामेश्वरम धाम की ओर जा रहा है। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की और सुबह 8:54 बजे बारी नगला बाजार के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।
हत्या के प्रयास समेत तीन पुराने मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 32 वर्षीय अंकुर के खिलाफ पहले भी तीन मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2016 में हत्या के प्रयास, मारपीट और गाली-गलौज, वर्ष 2021 में सार्वजनिक जुआ अधिनियम और वर्ष 2022 में मारपीट, गाली-गलौज व धमकी की धाराओं में कैंट थाने में उसके खिलाफ मामले दर्ज हुए थे। मामले में अंकुर के साथी राहुल पुत्र कल्लू राम निवासी कांधरपुर की तलाश की जा रही है। पुलिस आरोपी के बैंक खाते में मौजूद बताई जा रही रकम और पूरे ऑनलाइन लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है। अंकुर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक त्रिवेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल शकील अहमद और कांस्टेबल आदित्य शामिल रहे।