बरेली। जिले में लंबित विवेचनाओं को लेकर एसएसपी अनुराग आर्य ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। 60 और 90 दिन से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं की समीक्षा में लापरवाही सामने आने पर 12 थाना प्रभारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। एसएसपी ने कहा जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विवेचनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एसएसपी अनुराग आर्य ने एक जुलाई से 30 दिनों का विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत जिले के सभी थानों में लंबित विवेचनाओं की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और लंबित मामलों की संख्या में कमी आए।
समीक्षा में कई थानों की स्थिति चिंताजनक मिली
अभियान के दौरान चार जुलाई को 60 दिन और 90 दिन से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा में सामने आया कि कई थानों में अपेक्षा से अधिक संख्या में विवेचनाएं लंबित हैं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित थाना प्रभारियों ने अभियान को गंभीरता से नहीं लिया और विवेचनाओं के निस्तारण में अपेक्षित गति नहीं दिखाई। पुलिस मुख्यालय की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं होने पर एसएसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
इन थाना प्रभारियों पर गिरी कार्रवाई की गाज
समीक्षा में सबसे अधिक लापरवाही पाए जाने पर इज्जतनगर, सीबीगंज, भमौरा, कोतवाली, बारादरी, फरीदपुर, नवाबगंज, कैंट, आंवला, बिथरी चैनपुर, भोजीपुरा और बहेड़ी थाना प्रभारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि विवेचनाएं लंबित रहने के पीछे क्या कारण रहे और कहीं इसमें लापरवाही या उदासीनता तो नहीं बरती गई। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित थाना प्रभारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जवाबदेही तय करने पर जोर
एसएसपी अनुराग आर्य ने सभी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ विवेचनाओं का समय पर निस्तारण भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्य में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।