बरेली। झारखंड की जमीला खातून की कहानी अब बरेली में चर्चा का विषय बन गई है। 18 साल की जमीला ने सनातन धर्म अपनाकर अपना नाम ज्योति देवी रख लिया और प्रेमी प्रकाश रविदास के साथ सात फेरे लिए। जमीला का आरोप है कि भगवान शिव की पूजा करने की वजह से उसका शौहर उससे मारपीट करता था। आखिरकार उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया गया। इसके बाद प्रकाश ने उसका हाथ थामा और दोनों झारखंड से बरेली पहुंचे।
बोकारो के लोधी नीच टोला निवासी जमीला खातून के मुताबिक उसे भगवान शिव में गहरी आस्था थी। वह घर में चुपचाप शिव की पूजा करती थी। जब उसके शौहर और ससुराल वालों को इसका पता चला तो विरोध शुरू हो गया। जमीला का कहना है कि पूजा-पाठ छोड़ने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई।
तीन तलाक के बाद घर से निकली जमीला
जमीला के मुताबिक ससुराल में हालात बिगड़ते गए। आरोप है कि शौहर ने उसके साथ मारपीट की और आखिरकार तीन तलाक देकर उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद जमीला के सामने आगे की जिंदगी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। मुश्किल वक्त में हजारीबाग के चानो निवासी प्रकाश रविदास जमीला के साथ खड़ा हुआ। दोनों के बीच पहले से बातचीत थी, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों ने साथ जिंदगी बिताने का फैसला किया। परिवार और स्थानीय स्तर पर विरोध की आशंका के बीच दोनों बरेली पहुंचे और अगस्त्य मुनि आश्रम में संपर्क किया।
गंगाजल से शुद्धिकरण, फिर बनीं ज्योति
अगस्त्य मुनि आश्रम में आचार्य केके शंखधार की मौजूदगी में जमीला का शुद्धिकरण कराया गया। इसके बाद गायत्री मंत्र का जाप कराया गया और उन्होंने सनातन धर्म अपनाया। धर्म परिवर्तन के बाद जमीला का नया नाम ज्योति देवी रखा गया। सनातन धर्म अपनाने के बाद ज्योति और प्रकाश का विवाह वैदिक रीति-रिवाज से कराया गया। अग्नि को साक्षी मानकर दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे का जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। विवाह के दौरान आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार हुआ।
अपनी मर्जी से अपनाया सनातन धर्म
विवाह के बाद ज्योति देवी ने कहा कि उसने बिना किसी दबाव, लालच या प्रलोभन के अपनी इच्छा से सनातन धर्म स्वीकार किया है। उसने कहा कि भगवान शिव में उसकी आस्था पहले से थी और अब वह प्रकाश के साथ नई जिंदगी शुरू कर रही है। आश्रम के आचार्य केके शंखधार ने बताया कि प्रकाश की उम्र 22 साल और ज्योति की उम्र 18 साल है। उनके मुताबिक दोनों के पहचान पत्र और जरूरी दस्तावेज देखने के बाद ही विवाह कराया गया। नवविवाहित जोड़े ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है।