बरेली। फर्जी फर्म खड़ी कर बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के बिल तैयार करने और उनके जरिए बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पास करने के मामले में प्रेमनगर पुलिस ने दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इस फर्जीवाड़े से जीएसटी विभाग को 87 लाख चार हजार 603 रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, राज्य कर अधिकारी खंड-05 बरेली सुनील कुमार ने एक मार्च 2026 को प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में सर्वश्री पीएस ट्रेडर्स के नाम से संचालित फर्म पर फर्जी नाम-पते पर व्यापार स्थल दिखाने का आरोप सामने आया था। आरोप है कि फर्म के जरिए वास्तविक माल की सप्लाई किए बिना फर्जी बिल तैयार किए गए और उनके आधार पर बोगस आईटीसी पास-ऑन किया गया। इससे जीएसटी विभाग को 87,04,603.44 की राजस्व क्षति पहुंची। मामले में धोखाधड़ी और जालसाजी समेत जीएसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
घारमपुर चौराहे से दबोचे दोनों आरोपी
मुकदमे में फरार आरोपियों की तलाश में प्रेमनगर पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। शुक्रवार को पुलिस को दोनों आरोपियों के बारे में सूचना मिली। इसके बाद टीम ने फरीदपुर थाना क्षेत्र के घारमपुर चौराहे पर कार्रवाई करते हुए पुष्पेंद्र और ओमसिंह उर्फ पिंटू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार पुष्पेंद्र ग्राम चौडेरा रमपुरा रतन, थाना फरीदपुर का रहने वाला है, जबकि ओमसिंह उर्फ पिंटू जवेदा जवेदी, थाना क्योलड़िया का निवासी है। उनके कब्जे से एक-एक वीवो मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
जीविका चलाने के लिए किया काम
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने परिवार की जीविका चलाने के लिए इस काम में शामिल होने की बात कही और अपने कृत्य पर खेद जताया। पुलिस अब फर्जी फर्म और बोगस आईटीसी के पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा लेनदेन की कड़ियां खंगाल रही है। गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रेमनगर थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार, एसआईटी-जीएसटी के सहायक विवेचक उपनिरीक्षक शुभम कुमार तथा कांस्टेबल सचिन, अमित यादव और विनय कुमार शामिल रहे।