बरेली/बहेड़ी। पांच से छह हजार रुपये कीमत वाले नामी ब्रांड की टी-शर्ट महज 400 से 500 रुपये में। कीमत इतनी कम, लेकिन सोशल मीडिया पर दावा असली होने का किया जा रहा था। बहेड़ी में ब्रांडेड कपड़ों के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया है। कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि की शिकायत पर पुलिस के साथ हुई छापेमारी में दो ठिकानों से बड़ी संख्या में कथित नकली टी-शर्ट, लोअर, ब्रांडेड लेबल-स्टीकर और सिलाई मशीनें बरामद हुई हैं। मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
कारखाने में बनता कपड़ा, लेबल लगते ही बन जाता था ब्रांडेड
कंपनी की ओर से नामी ब्रांडों के नाम पर बहेड़ी में कपड़े तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। जांच के लिए अधिकृत प्रतिनिधि मुंबई निवासी विनायक घनश्याम बुलवाइकर ने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर 15 अगस्त को पुलिस टीम के साथ शेखुपुर इलाके में छानबीन की गई। आरोप है कि यहां बिना अधिकृत अनुमति के नामी कंपनियों की ब्रांडिंग का इस्तेमाल कर टी-शर्ट और लोअर तैयार किए जा रहे थे।
शाहजी ट्रेडर्स पर छापा, एक ही ठिकाने से करीब 1800 टी-शर्ट
टीम ने शेखुपुर वार्ड-24 स्थित शाहजी ट्रेडर्स के कारखाने पर छापा मारा। यहां से करीब 505 CK, 501 Tommy Hilfiger, 400 Under Armour और लगभग 400 Hugo Boss ब्रांड नाम वाली टी-शर्ट बरामद होने का दावा किया गया है। मौके पर सिलाई मशीनों के साथ नामी कंपनियों के बड़ी संख्या में स्टीकर और दूसरी ब्रांडिंग सामग्री भी मिली। पुलिस जांच में इस कारखाने के संचालन से मोहम्मद साजिद खान का नाम जुड़ने की बात सामने आई।
दूसरे ठिकाने पर 720 टी-शर्ट, 220 लोअर और 1024 लेबल
पूछताछ और जांच के बाद टीम वार्ड-25 स्थित इरशाद ट्रेडर्स पहुंची। यहां छापेमारी में करीब 220 Under Armour नाम वाले लोअर, 720 Hugo Boss नाम वाली टी-शर्ट और करीब 1024 Boss लेबल समेत अन्य ब्रांडिंग सामग्री बरामद किए जाने का दावा है। बरामद सामान को पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
YouTube-Instagram पर ‘असली’ बताकर ग्राहकों तक पहुंच रहा था माल
कंपनी के प्रतिनिधि का आरोप है कि यह खेल सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं था। कथित नकली कपड़ों को YouTube और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर असली ब्रांड का उत्पाद बताकर प्रचारित और बेचा जा रहा था। आरोप है कि हजारों रुपये कीमत वाले ब्रांड के नाम का इस्तेमाल कर तैयार कपड़ों को करीब 400 से 500 रुपये में ग्राहकों तक पहुंचाया जा रहा था। जांच में संबंधित ब्रांडों से इस तरह उत्पादन और बिक्री की कोई अधिकृत अनुमति नहीं मिलने की बात कही गई है।
तीन पर FIR, ट्रेडमार्क-कॉपीराइट एक्ट में कार्रवाई
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मोहम्मद साजिद खान, शाने आलम और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मुकदमे में ट्रेड मार्क अधिनियम, कॉपीराइट एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि तैयार माल की सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी और सोशल मीडिया के जरिये कितने ग्राहकों तक इसे बेचा गया।