बरेली। संगठित गिरोह बनाकर रंगदारी, अवैध वसूली और फर्जी मुकदमे दर्ज कराने के आरोपों में घिरे बर्खास्त सिपाही सुरकेश शर्मा गैंग पर भमोरा पुलिस ने शिकंजा और कस दिया है। पुलिस ने रविवार सुबह गैंग के फरार सदस्य भूरे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इससे पहले गैंग सरगना सुरकेश शर्मा, उसकी पत्नी कृतिका शर्मा और ओमवीर को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
मामला 18 जून को चांढपुर निवासी अंकुर मिश्रा उर्फ प्रभात मिश्रा की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे से जुड़ा है। आरोप है कि बर्खास्त सिपाही सुरकेश शर्मा ने पत्नी कृतिका शर्मा समेत 11 लोगों का गिरोह बना रखा था। यह गिरोह लोगों को जान से मारने की धमकी देकर अवैध वसूली करता था। विरोध करने वालों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर बाद में समझौते के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी। अंकुर मिश्रा ने आरोप लगाया था कि उनसे भी तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
मुखबिर की सूचना पर दबोचा गया भूरे
एसएसआई धर्मेंद्र पंवार ने बताया कि रविवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि गैंग का वांछित सदस्य भूरे आलमपुर से बभियाना की ओर जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने बरेली-बदायूं रोड स्थित बमियान कट के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में सामने आई चुनावी रंजिश की कहानी
पुलिस पूछताछ में भूरे ने बताया कि वह सुरकेश शर्मा की कृषि भूमि बटाई पर लेकर खेती करता था और फसल से होने वाला मुनाफा दोनों बराबर बांटते थे। उसने बताया कि ग्राम प्रधान चुनाव को लेकर सुरकेश शर्मा और बालिस्टर यादव के बीच पुरानी रंजिश थी। इसी रंजिश के चलते एक महिला को बहकाकर श्रावस्ती में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
10-10 हजार लेकर गवाही देने का दावा
पूछताछ में भूरे ने यह भी दावा किया कि उसने और गांव के ओमवीर ने सुरकेश शर्मा के कहने पर श्रावस्ती में दर्ज मुकदमे में गवाही दी थी। इसके बदले दोनों को 10-10 हजार रुपये नकद दिए गए थे। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी के इन बयानों की पुष्टि विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर की जाएगी।
गैंग में कई और नाम, पुलिस की दबिश जारी
एफआईआर के मुताबिक सुरकेश शर्मा के गिरोह में विजय, भूरे, ओमवीर, ममता, मंजू, अनीता, शानू, शोभा और शिल्पी समेत कई लोग शामिल हैं। आरोप है कि गिरोह लोगों को डराकर अवैध वसूली करता था और विरोध करने वालों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराता था। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।