बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सर्किट हाउस में बरेली मंडल के विकास कार्यों, कानून व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सांसद और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की विकास योजनाओं की प्राथमिकता तय करें, ताकि 15 जुलाई तक सभी कार्य योजनाओं को स्वीकृति देकर बजट जारी किया जा सके और 15 अगस्त तक उनका शिलान्यास कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने गुणवत्ता, समयबद्धता और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
5121 करोड़ की 2155 परियोजनाओं पर मंथन
बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान ने बताया कि बरेली मंडल में 5121 करोड़ रुपये की लागत से 2155 कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें छह स्टेट हाईवे, 56 एमडीआर-ओडीआर, एक बाईपास, 394 चीनी मिल मार्ग, 255 नए सड़क निर्माण, 35 सड़क सुरक्षा परियोजनाएं, 93 बड़े-लघु पुल और 1280 सड़क मरम्मत कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि यदि किसी प्रस्ताव में संशोधन चाहते हैं तो तत्काल उपलब्ध कराएं, जिससे समय पर स्वीकृति और बजट जारी किया जा सके।
बिजली चोरी पर प्रशासन के साथ संयुक्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिले में बिजली आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए हाल के ब्लैकआउट और व्यवधानों पर जानकारी ली। अधिकारियों ने आंधी-तूफान को कारण बताया। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रशासन और बिजली विभाग के संयुक्त अभियान से बिजली चोरी रोकने तथा आपूर्ति व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई और आईजीआरएस शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई और आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों का गंभीरता से समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी नियमित जनसुनवाई करने की अपील की। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि तहसील और ब्लॉक स्तर पर जनता दर्शन की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है और जल्द सभी अधिकारियों को ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
मॉडल गौशालाएं, बायोगैस और प्राकृतिक खेती पर फोकस
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिले में कुछ मॉडल गौशालाएं विकसित की जाएं, जहां कंपोस्ट खाद और बायोगैस का उत्पादन हो तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। पशुओं के चारे और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबित राजस्व वाद कानून व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। इसलिए पहले पांच वर्ष से अधिक, फिर तीन वर्ष और उसके बाद एक से तीन वर्ष पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए।
सड़क, जल जीवन मिशन और पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन डालने के बाद समय पर सड़क मरम्मत न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। पीएम सूर्य घर योजना के अधिक से अधिक लाभार्थी जोड़ने, ग्राम सचिवालयों को प्रभावी बनाने, कूड़ा निस्तारण, डेंगू-मलेरिया नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था और साइबर अपराध जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया।
बरेली के विकास कार्यों की उपलब्धियां भी गिनाईं
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि बरेली सीएम डैशबोर्ड पर लगातार टॉप-5 जिलों में शामिल है। स्मार्ट सिटी के तहत 1200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी हो रही है और 10 लाख से अधिक ई-चालान जारी किए जा चुके हैं। सीबीगंज में नगर वन, बहेड़ी में मेगा फूड पार्क, नाथ कॉरिडोर, रामायण वाटिका, रामगंगा नगर आवासीय योजना, औद्योगिक टाउनशिप और अन्य प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी गई।
कांवड़ यात्रा और कानून व्यवस्था पर भी समीक्षा
डीआईजी अजय कुमार साहनी और एसएसपी अनुराग आर्य ने आगामी कांवड़ यात्रा और त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था का प्रस्तुतीकरण किया। एसएसपी ने बताया कि जिले में पहली महिला एसओजी ‘वीरांगना यूनिट’ गठित की गई है, थानों में बैरक और विवेचना कक्ष बनाए गए हैं तथा पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए।