बरेली। शहर के पटेल चौक स्थित स्काई वॉक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए युवक की मंगलवार तड़के जिला अस्पताल में मौत हो गई। युवक सोमवार रात करीब नौ बजे स्काई वॉक की साइड में लगी टिन तोड़ते हुए नीचे सड़क पर गिरा था। पुलिस ने उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार युवक स्काई वॉक के किनारे लगी टिन तोड़ते हुए अचानक नीचे सड़क पर आ गिरा। उस समय सड़क पर वाहनों की आवाजाही जारी थी। राहत की बात रही कि वह किसी वाहन की चपेट में नहीं आया, लेकिन ऊंचाई से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, सुबह चार बजे मौत
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान मंगलवार सुबह करीब चार बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक मृतक की उम्र करीब 35 वर्ष है और उसकी शिनाख्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
‘नशे का आदी या कचरा बीनने वाला लगता है’
सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि प्रथम दृष्टया युवक कचरा बीनने वाला या सूखे नशे का आदी प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि स्काई वॉक के सभी प्रवेश द्वार कंटीले तारों से बंद हैं, लेकिन नशे के आदी लोग किसी तरह ऊपर पहुंच जाते हैं और वहीं रात गुजारते हैं। आशंका है कि नशे की हालत में संतुलन बिगड़ने से युवक नीचे गिर गया।
12 करोड़ का स्काई वॉक, लेकिन आज तक नहीं हो सका उपयोग
करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बने इस स्काई वॉक का उद्देश्य लोगों के लिए आधुनिक बाजार और बैठने की सुविधा विकसित करना था। योजना के तहत यहां दुकानें संचालित होनी थीं, लेकिन निर्माण के तीन साल बाद भी इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। कई कंपनियों ने संचालन के लिए आवेदन किए, लेकिन जटिल नियमों के चलते मामला आगे नहीं बढ़ पाया। अब चर्चा है कि नगर निगम स्वयं इसका संचालन शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
उर्स के दौरान भी सामने आई थी सुरक्षा व्यवस्था की पोल
आला हजरत उर्स के दौरान भी यह स्काई वॉक चर्चा में आया था। उर्स के कुल के बाद सैकड़ों जायरीन एक साथ स्काई वॉक पर चढ़ गए थे, जिससे पूरा ढांचा हिलने लगा था। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद एसएसपी ने लोगों को नीचे उतरवाया था। इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से स्काई वॉक को कंटीले तार लगाकर बंद कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद लोगों का ऊपर पहुंचना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।