बरेली। कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह के प्रयास की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर गुरुवार को मुख्य गेट की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। फरियाद लेकर पहुंचने वाले लोगों के बैग और थैलों की तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया गया। संदिग्ध वस्तु या ज्वलनशील पदार्थ अंदर न पहुंच सके, इसके लिए पानी की बोतलों तक की जांच की गई। आपात स्थिति से निपटने के लिए गेट पर अग्निशमन विभाग की फायर बाइक भी तैनात कर दी गई है।
गुरुवार को कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर आम दिनों से अलग तस्वीर दिखाई दी। महिला और पुरुष सुरक्षाकर्मी आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखे हुए थे। बैग और थैला लेकर पहुंचने वाले फरियादियों को रोककर उनके सामान की जांच की गई। सुरक्षाकर्मी यह भी पूछते नजर आए कि बैग या थैले में क्या सामान रखा है। जांच के बाद ही लोगों को परिसर में प्रवेश दिया गया।
पानी की बोतल तक सूंघकर देखी
सुरक्षा व्यवस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फरियादियों के पास मौजूद पानी की बोतलों की भी जांच की गई। बोतलों में कोई ज्वलनशील पदार्थ तो नहीं है, इसे सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सूंघकर भी देखा। अचानक बढ़ी जांच के कारण कुछ फरियादी असहज जरूर दिखाई दिए, लेकिन उन्होंने सुरक्षा टीम का सहयोग किया।
महिला के आत्मदाह के प्रयास के बाद प्रशासन अलर्ट
दरअसल, बुधवार को सदर तहसील क्षेत्र के मानपुर चिकटिया गांव निवासी कमलेषा देवी अपनी बेटी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। उनके पास कथित तौर पर ज्वलनशील पदार्थ था और उन्होंने आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उन्हें पकड़ लिया और बड़ी घटना टल गई। महिला का आरोप था कि कुछ दबंगों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन पर जबरन निर्माण कराया जा रहा है। इसी मामले को लेकर वह शिकायत करने कलेक्ट्रेट पहुंची थीं।
अब बिना जांच कलेक्ट्रेट में एंट्री नहीं
घटना के बाद प्रशासन ने कलेक्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्य द्वार पर निगरानी बढ़ा दी है। खासतौर पर बैग, थैला और बोतल लेकर आने वाले लोगों की जांच पर जोर दिया जा रहा है। किसी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए अग्निशमन विभाग की फायर बाइक को भी मुख्य गेट पर मुस्तैद किया गया है।