बदायूं। खेत में फुंका ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए परेशान किसान से 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगना बिजली विभाग के दो कर्मचारियों को भारी पड़ गया। एंटी करप्शन बरेली की टीम ने गुरुवार को जरीफनगर के 33/11 केवी बिजलीघर में जाल बिछाकर टीजी-2 हरदेवा राम और संविदा लाइनमैन मानक चन्द्र को 12 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। अचानक हुई कार्रवाई से बिजलीघर में खलबली मच गई।
जरीफनगर थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर कुड़ई गांव निवासी सर्वेश कुमार के खेत में ट्यूबवेल लगा है। कुछ समय पहले ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर जल गया था। सर्वेश ने उसे बदलवाने के लिए बिजली विभाग के कर्मचारियों से संपर्क किया। आरोप है कि बिल माफी के तहत दूसरा ट्रांसफार्मर लगवाने के बदले उससे 12 हजार रुपये की मांग की गई। काम के बदले रुपये मांगे जाने से परेशान सर्वेश ने सीधे एंटी करप्शन संगठन से शिकायत कर दी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन बरेली की टीम सक्रिय हो गई। प्रभारी निरीक्षक इश्तियाक वारसी के नेतृत्व में आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने की तैयारी की गई।
शिकायत मिलते ही एंटी करप्शन ने बिछाया जाल
गुरुवार दोपहर करीब 3:12 बजे जैसे ही रिश्वत की रकम दी गई, एंटी करप्शन की टीम ने कार्रवाई कर दोनों कर्मचारियों को दबोच लिया। पकड़े गए कर्मचारियों में जरीफनगर बिजलीघर में तैनात टीजी-2 हरदेवा राम (32) और संविदा लाइनमैन मानक चन्द्र (28) शामिल हैं। टीम ने रिश्वत के 12 हजार रुपये भी बरामद किए। हरदेवा राम मूल रूप से राजस्थान के नागौर जिले के मारोठ थाना क्षेत्र के गांव जीणवार का रहने वाला है और वर्तमान में जरीफनगर के 33/11 केवी बिजलीघर में टीजी-2 के पद पर तैनात है। दूसरा आरोपी मानक चन्द्र जरीफनगर थाना क्षेत्र के आरिफपुर भक्ता नगला गांव का रहने वाला है और इसी बिजलीघर में संविदा लाइनमैन है।
बिजलीघर में गिरफ्तारी से मची खलबली
एंटी करप्शन की टीम की अचानक कार्रवाई से बिजलीघर में अफरा-तफरी मच गई। जिन कर्मचारियों से रोजमर्रा के काम के लिए लोग संपर्क करते थे, उन्हीं में से दो के रिश्वत लेते पकड़े जाने की खबर फैलते ही विभाग में भी हलचल तेज हो गई। टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ ले गई और पूछताछ के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। एंटी करप्शन बरेली के प्रभारी निरीक्षक इश्तियाक वारसी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद टीजी-2 हरदेवा राम और संविदा लाइनमैन मानक चन्द्र के खिलाफ थाना सहसवान में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।