bareillyबीडीए उपाध्यक्ष के साथ सभी किसान

बरेली। बीडीए ने महादेवपुरम आवासीय योजना के लिए भूमि देने वाले किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देकर विकास और विश्वास का नया मॉडल पेश किया है। गुरुवार को बीडीए उपाध्यक्ष ने किसानों को करोड़ों रुपये के चेक वितरित किए और योजना को बरेली के भविष्य का नया ग्रोथ इंजन बताया।

बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि दिल्ली-लखनऊ बड़े बाइपास और बरेली-पीलीभीत राजमार्ग के किनारे विकसित की जा रही महादेवपुरम आवासीय योजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आपसी सहमति से जारी है। इसी क्रम में किसानों को सर्किल दर के चार गुना के आधार पर भुगतान किया गया। बीडीए उपाध्यक्ष ने ग्राम आसपुर खूबचन्द्र निवासी अशोक कुमार सक्सेना को 1.01 करोड़ रुपये, ग्राम अहिलादपुर निवासी नत्थू लाल को 21.60 लाख रुपये, हरीश कुमार को 1.85 करोड़ रुपये तथा ग्राम कुम्हरा निवासी महेन्द्र पाल सिंह समेत अन्य किसानों को 2.63 करोड़ रुपये की प्रतिकर राशि के चेक वितरित किए।

45 मीटर चौड़ी सड़कें, भूमिगत बिजली और 132 केवी उपकेंद्र

बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय के अनुसार महादेवपुरम आवासीय योजना, ग्रेटर बरेली और रामगंगा नगर के बाद प्राधिकरण की दूसरी सबसे बड़ी महत्वाकांक्षी योजना होगी। यह योजना दिल्ली-लखनऊ बाइपास और बरेली-पीलीभीत हाईवे से सीधे जुड़ी होने के कारण निवेश और आवास दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। योजना में 45 मीटर और 30 मीटर चौड़ी जोनल सड़कें विकसित की जाएंगी, जबकि आंतरिक सड़कों की चौड़ाई 18 मीटर तक रखी गई है। सभी विद्युत लाइनें भूमिगत होंगी और 132 केवी विद्युत उपकेंद्र भी स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा एम्यूजमेंट पार्क, कम्युनिटी सेंटर, विशाल सेंट्रल पार्क और नेबरहुड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

रोजगार और विकास का नया केंद्र बनेगा महादेवपुरम

महादेवपुरम में आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों के साथ होटल, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, साइबर सिटी और मल्टीप्लेक्स के लिए भी विशेष भूखंड विकसित किए जाएंगे। यह योजना न केवल शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। प्रदेश में पहली बार किसी विकास प्राधिकरण द्वारा किसानों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि खरीदकर इतनी बड़ी आवासीय योजना विकसित की जा रही है। साथ ही आसपास के गांवों में भी विकास कार्य कराए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *