बरेली। विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में डीएम अविनाश सिंह ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी, मत्स्य पालन और मुर्गी पालन अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कृषि में विविधता लाकर किसान अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने सहायक निदेशक मत्स्य और जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए कि न्याय पंचायत स्तर पर गोष्ठियां आयोजित कर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी जाए।

ई-केवाईसी नहीं कराई तो अटक सकता है सम्मान निधि का लाभ

उप कृषि निदेशक ने किसानों को प्राकृतिक खेती, सहफसली खेती और मल्टी लेयर फार्मिंग की जानकारी देते हुए कृषि विभाग के पोर्टल पर बीज बुकिंग और अनुदान प्रक्रिया से अवगत कराया। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ निरंतर पाने के लिए 30 जून तक अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी कराने की अपील की गई। बैठक में पिछले किसान दिवसों में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न मामलों में की गई कार्रवाई की जानकारी जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की।

किसानों ने भुगतान में देरी पर जताई नाराजगी

ग्राम खनगवां श्याम निवासी किसान एम.पी. सिंह ने केसर शुगर मिल पर वर्ष 2024-25 के गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा उठाया। किसानों ने बकाया भुगतान शीघ्र दिलाने की मांग की। बहेड़ी के किसान धनीराम ने जैविक खेती के लाभ बताए, जबकि भोजीपुरा के ग्राम हमीरपुर निवासी ओमप्रकाश ने प्राकृतिक खेती की तकनीकों की विस्तृत जानकारी किसानों के साथ साझा की।

बिजली विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

किसान सुरेश पुत्र नारायण ने मोहल्ले में बिजली पोल की समस्या के कारण बाधित हो रही विद्युत आपूर्ति की शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड, बहेड़ी को तत्काल समस्या का समाधान कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कृषि विज्ञान केंद्र, आईवीआरआई के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्य यादव ने किसानों को फसलों में कीट एवं रोग प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और मिट्टी परीक्षण के महत्व की जानकारी दी।

अगले किसान दिवस में सबसे पहले होगी पुरानी शिकायतों की समीक्षा

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अगले किसान दिवस में सबसे पहले लंबित शिकायतों की समीक्षा होगी, उसके बाद ही नई शिकायतों पर सुनवाई की जाएगी। किसान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी, कृषि, मत्स्य, विद्युत, पंचायत राज, उद्यान, नलकूप, गन्ना विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों ने सहभागिता की।

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