up newsताजिए को नापती पुलिस

बरेली। मोहर्रम को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार जिले में 12 फीट से अधिक ऊंचाई का कोई भी ताजिया नहीं निकलेगा। इसे सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मी गांव-गांव पहुंचकर ताजियों की ऊंचाई नाप रहे हैं और ताजियादारों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है।

मोहर्रम के दौरान जिले भर में कुल 1033 ताजिए निकाले जाएंगे। इनमें सबसे अधिक 93 ताजिए नवाबगंज क्षेत्र में निकलेंगे। इसके अलावा बहेड़ी में 81, हाफिजगंज में 79, भोजीपुरा और सीबीगंज में 60-60, शाही में 55, फतेहगंज पश्चिमी में 50 तथा अन्य थाना क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में ताजिए निकाले जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक ताजिए की निगरानी हेतु एक-एक पुलिसकर्मी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

थाना प्रभारी खुद कर रहे सत्यापन, रूटों का भी हो रहा निरीक्षण

एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर थाना प्रभारी और पुलिस टीमें क्षेत्र में पहुंचकर ताजियों की ऊंचाई का सत्यापन कर रही हैं। साथ ही जुलूस मार्गों का निरीक्षण, संवेदनशील स्थलों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था का आकलन भी किया जा रहा है। सभी सीओ और थाना प्रभारियों को रूट मार्च कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

पीस कमेटी बैठक से लेकर विवादित मामलों की समीक्षा तक तैयारी

मोहर्रम से पहले प्रशासन ने पीस कमेटी बैठकों, पुराने विवादों की समीक्षा, फोर्स तैनाती, जुलूस मार्गों की स्थिति और ताजियादारों के सत्यापन जैसे कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को निर्धारित प्रारूप में गांव, ताजियादार और जुलूस से जुड़ी सभी जानकारियां दर्ज करने को कहा गया है।

पिछले साल का हादसा बना सबक, 23 फीट ताजिया हाईटेंशन लाइन से टकराया था

प्रशासन की सख्ती के पीछे पिछले वर्ष फरीदपुर क्षेत्र में हुआ बड़ा हादसा भी एक कारण है। गौसगंज में निकला 23 फीट ऊंचा ताजिया हाईटेंशन लाइन से टकरा गया था, जिससे उसमें आग लग गई थी। घटना के बाद ताजियादारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई थी। इसी अनुभव के आधार पर इस बार 12 फीट की सीमा का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।

आज होगा मुहर्रम के चांद का दीदार, नए इस्लामी साल की होगी शुरुआत

मंगलवार शाम मुहर्रम का चांद देखा जाएगा। चांद के दीदार के साथ ही नए इस्लामी वर्ष का आगाज होगा। दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और इसका विशेष धार्मिक महत्व है। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि मुहर्रम इंसानियत, सब्र और कुर्बानी का संदेश देने वाला महीना है।

एसएसपी बोले— सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि मोहर्रम को पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानक के अनुरूप सुनिश्चित कराई जा रही है, जुलूस मार्गों का निरीक्षण किया जा रहा है और आयोजकों से लगातार संवाद कर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि त्योहार पूरी श्रद्धा और सौहार्द के साथ संपन्न हो।

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