नई दिल्ली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और मजबूत वैश्विक संकेतों के दम पर बाजार ने शानदार छलांग लगाई। बीएसई सेंसेक्स 1,695.40 अंक की बड़ी बढ़त के साथ 75,527.95 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 461.30 अंक चढ़कर 23,622.90 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब 10 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर 462 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। बाजार में आई इस जोरदार तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर रौनक लौटा दी। वहीं रुपये ने भी मजबूती दिखाते हुए डॉलर के मुकाबले 0.7 फीसदी की बढ़त दर्ज की और 95.11 पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 95.76 पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स के 28 शेयर हरे निशान में
सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा तेजी बजाज फाइनेंस में 5.62 फीसदी दर्ज की गई। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो, इंडिगो, टाइटन, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी शानदार खरीदारी देखने को मिली। हालांकि टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड के शेयर दबाव में रहे और गिरावट के साथ बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जोरदार उछाल
ब्रॉडर मार्केट में भी तेजी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 2.43 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 2.8 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। वहीं आईटी सेक्टर अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
बाजार में तेजी की बड़ी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की संभावना ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ समझौते पर सहमति बन चुकी है और जल्द ही इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई रोकने की बात भी कही है। इस घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 1.67 फीसदी गिरकर 88.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल कीमतों में नरमी से भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर देखने को मिला। विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात इसी तरह अनुकूल बने रहे तो आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की तेजी जारी रह सकती है।