गोंडा। देवीपाटन मंडल में किसानों के खेतों तक पहुंचने वाले चकरोडों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। मंडलायुक्त Durga Shakti Nagpal के निर्देश पर गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में करीब तीन हजार चकमार्गों को कब्जामुक्त कराया जाएगा। अधिकारियों को साफ चेतावनी दी गई है कि चकरोड पर दोबारा कब्जा करने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाए।
सोमवार को मंडलायुक्त ने वर्चुअल बैठक के जरिए सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने कहा कि चक रोड गांवों की खेती व्यवस्था की रीढ़ हैं। किसान इन्हीं रास्तों से ट्रैक्टर, बैलगाड़ी और फसल लेकर खेतों तक पहुंचते हैं। ऐसे में इन सार्वजनिक रास्तों पर कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बार-बार कब्जा किया तो होगी सख्त कार्रवाई
आयुक्त ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि अभिलेखों के अनुसार चकमार्गों का सीमांकन कर तत्काल अवैध कब्जे हटाए जाएं। साथ ही ग्रामीणों को सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जो लोग बार-बार अतिक्रमण करेंगे, उनके खिलाफ लेखपालों के माध्यम से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
निर्माण से पहले और बाद में खींची जाएगी फोटो
प्रशासन ने चकमार्ग निर्माण और मिट्टी पटाई में पारदर्शिता के लिए नई व्यवस्था भी लागू की है। अब निर्माण कार्य शुरू होने से पहले और पूरा होने के बाद एक ही स्थान से फोटो ली जाएगी, ताकि गुणवत्ता और प्रगति का सत्यापन हो सके। अधिकारियों से हर महीने विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।
चार जिलों में तेज हुआ अभियान
गोंडा में 613 चकमार्गों की पैमाइश की जा चुकी है, जिनमें 514 को कब्जामुक्त कर मिट्टी पटाई कराई जाएगी। बलरामपुर में 243, श्रावस्ती में 616 और बहराइच में 1659 चकमार्गों पर कार्रवाई चल रही है। प्रशासन का लक्ष्य अगली फसल की बुवाई से पहले सभी रास्तों को पूरी तरह चालू करना है।
किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
प्रशासन का कहना है कि चकमार्ग खुलने से किसानों को खेतों तक पहुंचने में आसानी होगी और खेती-किसानी का काम तेज होगा। लंबे समय से कब्जों के कारण ग्रामीणों और किसानों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। अब अभियान शुरू होने के बाद गांवों में राहत की उम्मीद बढ़ गई है।