नई दिल्ली/वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। भारत, चीन समेत कई देशों को ‘नरक जैसी जगहें’ (hellholes) कहे जाने के बाद न सिर्फ भारत में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली, बल्कि अमेरिका के भीतर भी विरोध के स्वर तेज हो गए। इसी बीच अमेरिकी सिंगर Mary Millben ने खुलकर ट्रंप के बयान का विरोध किया और भारत-चीन की गरिमा का समर्थन करते हुए एक भावनात्मक संदेश जारी किया।
पोस्ट डिलीट, लेकिन विवाद और गहराया
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को रीपोस्ट किया था, जिसमें जन्म से नागरिकता (Birthright Citizenship) पर सवाल उठाते हुए अप्रवासी समुदायों और कुछ देशों पर तीखा हमला बोला गया था। इसी पोस्ट में भारत, चीन और अन्य देशों को ‘hellholes’ बताया गया। जैसे ही यह पोस्ट सामने आई, सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की बाढ़ आ गई। बढ़ते दबाव के बीच ट्रंप ने पोस्ट को हटा लिया, लेकिन तब तक यह बयान अंतरराष्ट्रीय विवाद का रूप ले चुका था। भारत सरकार की ओर से भी इस पर कड़ी नाराजगी जताई गई, वहीं अमेरिका के भीतर भी कई सामाजिक और सांस्कृतिक हस्तियों ने इसे अपमानजनक बताया।
‘आप अमेरिका की ताकत हैं’ – मैरी मिलबेन का करारा जवाब
अमेरिकी सिंगर Mary Millben ने ट्रंप के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय-अमेरिकी और एशियाई-अमेरिकी समुदाय के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा— “मेरे भारतीय-अमेरिकी और एशियाई-अमेरिकी भाइयों और बहनों, आप उस ताकत का हिस्सा हैं जो अमेरिका को महान बनाती है।” मिलबेन का यह बयान तेजी से वायरल हो गया और बड़ी संख्या में लोगों ने उनके समर्थन में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी देश या संस्कृति को अपमानित करना न केवल गलत है, बल्कि यह वैश्विक संबंधों को भी कमजोर करता है।
भारत-चीन को बताया ‘दुनिया का आधार’
मिलबेन ने अपने बयान में भारत और चीन को लेकर विशेष रूप से सकारात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा— “भारत और चीन, दो ऐसे देश हैं जहां मैंने खुद परफॉर्म किया है। उनकी संस्कृति, परंपरा और लोगों से मुझे गहरा जुड़ाव महसूस होता है।” उन्होंने आगे कहा कि ये देश किसी भी तरह ‘नरक’ नहीं हैं, बल्कि “महत्व रखने वाली जमीनें” हैं। मिलबेन के अनुसार, इन देशों की धरती दुनिया के बड़े हिस्से का पालन-पोषण करती है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में इनका अहम योगदान है।
भारतीय समुदाय में गुस्सा, सोशल मीडिया पर ट्रेंड
ट्रंप के बयान के बाद भारत और दुनिया भर के भारतीय समुदाय में आक्रोश देखने को मिला। ट्विटर (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #RespectIndia और #IndiaIsNotHellhole जैसे ट्रेंड्स चलने लगे। भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने भी इस बयान को “अपमानजनक और अस्वीकार्य” करार दिया। कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक और तेजी से विकसित हो रहे देश के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
राजनीतिक और कूटनीतिक असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान अमेरिका-भारत और अमेरिका-चीन संबंधों पर असर डाल सकते हैं। भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है, ऐसे में इस तरह की टिप्पणियां कूटनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, ट्रंप द्वारा पोस्ट डिलीट किए जाने के बाद स्थिति को संभालने की कोशिश जरूर की गई है, लेकिन विवाद अभी भी थमा नहीं है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में भी बड़ा विषय बन सकता है।
‘संस्कृति का सम्मान जरूरी’ – वैश्विक संदेश
इस पूरे विवाद के बीच मैरी मिलबेन का बयान एक सकारात्मक संदेश के रूप में उभरा है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि दुनिया की विविधता ही उसकी ताकत है और हर संस्कृति का सम्मान किया जाना चाहिए। उनका यह संदेश न सिर्फ भारत और चीन के लिए समर्थन है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर एकता और सम्मान की अपील भी है। सोशल मीडिया पर उनके बयान को लाखों लोगों ने सराहा और इसे “सही समय पर सही आवाज” बताया।