कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में दिल दहला देने वाले डबल मर्डर केस ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। किदवई नगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में 11 साल की जुड़वा बेटियों की हत्या के बाद अब आरोपी पिता Shashiranjan की करतूतों की परतें एक-एक कर खुल रही हैं। पड़ोसियों और मां रेशमा के बयानों ने जो तस्वीर सामने रखी है, वह किसी खौफनाक कहानी से कम नहीं—जहां बेटियां अपने ही घर में ‘कैद’ जिंदगी जी रही थीं।
बेटियों पर सख्त पहरा, CCTV से होती थी निगरानी
मामले की जांच में सामने आया है कि शशिरंजन अपनी दोनों बेटियों को लेकर बेहद सख्त और शक करने वाला स्वभाव रखता था। वह जब भी घर से बाहर जाता, तो फ्लैट में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए उनकी हर गतिविधि पर नजर रखता था। बच्चियों को न तो अपार्टमेंट के बाहर खेलने की इजाजत थी और न ही किसी से खुलकर बातचीत करने की। पड़ोस के बच्चे जब उन्हें खेलने के लिए बुलाते, तो वे डर के मारे मना कर देती थीं। पड़ोसियों का कहना है कि दोनों बच्चियां हमेशा सहमी हुई रहती थीं और शायद ही कभी फ्लैट से बाहर दिखाई देती थीं।
‘साइकिल भी घर के अंदर ही चलानी थी’
मां Reshma के बयान ने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। उन्होंने बताया कि बेटियों ने कई बार साइकिल चलाने की इच्छा जताई थी। पिता ने साइकिल तो दिलाई, लेकिन शर्त रखी कि उसे सिर्फ फ्लैट के अंदर ही चलाया जाएगा। यह स्थिति बताती है कि बच्चियों की आजादी कितनी सीमित थी। उनका बचपन चार दीवारों में सिमट कर रह गया था।
मां से भी नहीं करने देता था बात
रेशमा ने पुलिस को बताया कि शशिरंजन का व्यवहार बेहद नियंत्रक और आक्रामक था। वह बेटियों को उनकी मां से भी खुलकर बात नहीं करने देता था। अगर बच्चियां मां के पास जाने या बात करने की कोशिश करतीं, तो उन्हें डांट-फटकार का सामना करना पड़ता था। इस डर के कारण बेटियां ज्यादातर चुप रहती थीं और पिता के गुस्से से सहमी रहती थीं। रेशमा के मुताबिक, जब शशिरंजन कई दिनों के लिए बाहर जाता था, तभी बच्चियां थोड़ी राहत महसूस करती थीं और मां से बात कर पाती थीं—लेकिन तब भी उन्हें डर रहता था कि कहीं कैमरे से उनकी निगरानी न हो रही हो।
चंडीगढ़ कनेक्शन और पारिवारिक विवाद
जांच में यह भी सामने आया है कि शशिरंजन का अपनी पत्नी से लंबे समय से विवाद चल रहा था। रेशमा ने आरोप लगाया कि वह चंडीगढ़ की एक महिला से लगातार संपर्क में रहता था और उससे मिलने के लिए अक्सर वहां जाता था। इस वजह से पति-पत्नी के रिश्तों में खटास बढ़ती गई। घरेलू विवादों का असर सीधे तौर पर बच्चियों की जिंदगी पर पड़ा, जो मानसिक दबाव और भय के माहौल में जी रही थीं।
परिवार ने भी झाड़ा पल्ला
इस दर्दनाक घटना के बाद जब रेशमा ने शशिरंजन के बड़े भाई राजीव को फोन कर जानकारी दी, तो उनका जवाब भी चौंकाने वाला था। राजीव ने साफ कह दिया कि उनका शशिरंजन से कोई संबंध नहीं है और वह इस मामले में कोई दखल नहीं देंगे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि दोबारा उन्हें फोन न किया जाए। बताया जा रहा है कि शशिरंजन का परिवार बिहार में रहता है और पिछले कई वर्षों से उनके बीच कोई संपर्क नहीं था।
इलाके में सनसनी, हर कोई है स्तब्ध
किदवई नगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में इस घटना के बाद से दहशत का माहौल है। लोग अब भी इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे कि एक पिता अपनी ही बेटियों के साथ ऐसा कर सकता है। पड़ोसियों के मुताबिक, उन्होंने कभी बच्चियों को खुलकर खेलते या हंसते नहीं देखा। अब उन्हें समझ आ रहा है कि वे अंदर ही अंदर किस भय में जी रही थीं।
पुलिस जांच में अब भी कई सवाल बाकी
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शशिरंजन ने इस खौफनाक वारदात को क्यों अंजाम दिया? अब तक की जांच में हत्या के पीछे का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
मनोवैज्ञानिक पहलू भी जांच के दायरे में
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में आरोपी की मानसिक स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं शशिरंजन किसी मानसिक तनाव या विकार से तो नहीं जूझ रहा था। इसके साथ ही पारिवारिक विवाद, नियंत्रण की प्रवृत्ति और सामाजिक अलगाव जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।