रायबरेली। जगतपुर थाना क्षेत्र के छिछोड़ा गांव में किसान सुरेश पटेल की मौत के मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है। सिराथू की विधायक Pallavi Patel और Ravi Kumar के बीच फोन पर हुई तीखी नोकझोंक का ऑडियो चर्चा में है। विधायक ने साफ चेतावनी दी—“15 दिन का समय दे रही हूं एसपी साहब, आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो मैं खुद आंदोलन करूंगी।”
फर्जी लोन और सदमे में किसान की मौत—मामले की जड़
पूरा मामला 19 मार्च का है, जब छिछोड़ा गांव निवासी किसान सुरेश पटेल की अचानक मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने सुरेश के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर बैंक से करीब 5 लाख रुपये का फर्जी लोन निकाल लिया था। जब सुरेश को इस धोखाधड़ी की जानकारी मिली तो वह गहरे सदमे में आ गए और उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार का दावा है कि इसी मानसिक तनाव के कारण उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप—FIR हुई, लेकिन गिरफ्तारी नहीं
मृतक के परिवार ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी, जिसके आधार पर जगतपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। इतना ही नहीं, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने क्रॉस एफआईआर में नाबालिगों के नाम भी जोड़ दिए हैं, जिससे मामला और उलझ गया है। बीएनएस की धारा 108 के तहत दर्ज केस में कार्रवाई की रफ्तार को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विधायक पल्लवी पटेल का अचानक गांव दौरा
मामले की जानकारी मिलते ही विधायक पल्लवी पटेल अचानक मृतक के घर पहुंच गईं। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली और पीड़ित पत्नी फूलमती को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। फूलमती ने विधायक के सामने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि “अब तक किसी आरोपी को पकड़ा नहीं गया, हमें न्याय नहीं मिल रहा है।”
फोन पर SP से तीखी बहस, सवालों की बौछार
गांव से ही विधायक ने एसपी रायबरेली रवि कुमार को फोन लगाया और सीधे सवाल दाग दिए— “पांच नामजद आरोपी हैं, अभी तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?” एसपी ने जवाब दिया कि “विवेचना चल रही है और जल्द कार्रवाई होगी।” इस पर विधायक ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “क्या पुलिस आरोपियों को बचा रही है? नाबालिगों को क्रॉस केस में डाल दिया और मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो रही!”
“15 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन”—विधायक की चेतावनी
फोन पर बातचीत के दौरान विधायक का गुस्सा साफ झलक रहा था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा— “मैं 15 दिन का समय दे रही हूं एसपी साहब… अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो मैं खुद एसपी कार्यालय पहुंचकर आंदोलन करूंगी।” बताया जा रहा है कि इसी दौरान एसपी ने फोन काट दिया, जिससे विधायक और नाराज हो गईं। उन्होंने दोबारा कॉल कर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए।
परिवार को दिलाया भरोसा—न्याय के लिए लड़ाई जारी
विधायक ने मृतक के परिजनों को भरोसा दिलाया कि अगर पुलिस तय समय में कार्रवाई नहीं करती, तो वह खुद सड़क पर उतरेंगी। उन्होंने कहा कि “यह सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही का सवाल है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा।
इलाके में चर्चा, पुलिस पर बढ़ा दबाव
इस पूरे घटनाक्रम के बाद रायबरेली में मामला चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ जहां परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विधायक के सख्त रुख से पुलिस पर दबाव बढ़ गया है। सूत्रों के मुताबिक, अब पुलिस टीम इस मामले में तेजी से जांच कर रही है और जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
कानूनी पेच और जांच की दिशा पर नजर
मामले में फर्जी लोन, दस्तावेजों के दुरुपयोग और कथित उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों के सामने कई पहलुओं को खंगालने की चुनौती है। सवाल यह भी है कि बैंक स्तर पर इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई और किन लोगों की भूमिका इसमें शामिल है।
सियासत गरमाने के आसार
विधायक और एसपी के बीच हुई नोकझोंक के बाद यह मामला अब सियासी रूप ले सकता है। अगर तय समय में गिरफ्तारी नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।